नोटा ने बिगाड़ा कई उम्मीदवारों का खेल

पांच विधानसभा चुनावों में कई उम्मीदवारों की हार-जीत में नोटा (उपरोक्त उम्मीदवारों में से कोई नहीं) भी एक बड़ा कारक बनकर उभरा है।

मतदान
Reuters
मतदान

पाँच विधानसभा चुनावों में कई उम्मीदवारों की हार-जीत में नोटा (उपरोक्त उम्मीदवारों में से कोई नहीं) भी एक बड़ा कारक बनकर उभरा है.

पांचों राज्यों में नोटा पर बटन दबाने वालों की संख्या जहां सीपीआई जैसी पार्टियों को मिले वोटों से भी अधिक रही है, वहीं कई सीटों पर यह संख्या जीत के अंतर से भी ज़्यादा रही.

मांझी की 'हम' से ज़्यादा वोट 'नोटा' को

'नोटा' पर भरोसा

मणिपुर की चर्चित मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला को जहां महज 90 वोट मिले, वहीं नोटा दबाने वालों की संख्या 143 थी.

वोट प्रतिशत के लिहाज से भी नोटा को पसंद करने वालों की संख्या अहम रही.

उत्तर प्रदेश

मतदान
AFP
मतदान

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत हुई है. यहां इस पार्टी को तीन-चौथाई बहुमत प्राप्त हुआ.

यहां नोटा को 0.9 प्रतिशत यानी करीब 7.58 लाख वोट मिले. इनकी तादाद सीपीआई, एआईएमआईएम और बीएमयूपी को कुल जितने वोट पड़े उससे भी ज़्यादा रही.

जिन जगहों पर नोटा ने हार-जीत को संभवतः प्रभावित किया उनमें यहां की मटेरा विधानसभा सीट है जहां समाजवादी पार्टी के यासर शाह ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार पर 1,595 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि नोटा पर 2,717 वोट पड़े.

पूर्वी उत्तर प्रदेश की मोहम्मदाबाद गोहना की सुरक्षित सीट पर भाजपा के उम्मीदवार ने बसपा के उम्मीदवार को मात्र 538 वोटों से हराया. यहां नोटा पर वोट देने वालों की संख्या 1,945 थी.

मुबारकपुर में बसपा ने अपने प्रतिद्वंद्वी को महज 688 वोटों से हराया जबकि यहां नोटा पर 1,628 वोट पड़े.

इसी तरह श्रावस्ती में जीत का अंतर 445 था जबकि नोटा पर 4,289 वोट पड़े.

उत्तराखंड

हरीश रावत
PTI
हरीश रावत

उत्तराखंड में तो एक प्रतिशत वोट हासिल करते हुए नोटा बीजेपी, कांग्रेस और बीएसपी के बाद तीसरे नंबर पर रहा. यहां नोटा को 50,408 लोगों ने पसंद किया.

यहां की सोमेश्वर सुरक्षित सीट पर जीत का अंतर 710 था और नोटा को 1,089 वोट पड़े.

जागेश्वर भी ऐसा ही इलाक़ा है जहां जीत का अंतर 399 था और नोटा पर पड़े वोटों की संख्या 896 थी.

पंजाब

पंजाब रैली
TWITTER @CAPT_AMARINDER
पंजाब रैली

पंजाब में नोटा को 0.7 प्रतिशत यानी कुल एक लाख 84 हज़ार लोगों ने पसंद किया और यहां भी सीपीआई समेत सबसे कम वोट पाने वाली तीन पार्टियों के बराबर इसे वोट मिले.

छत्तीसगढ़ उपचुनाव: नोटा बना दूसरी पसंद

मणिपुर

इरोम शर्मिला
BBC
इरोम शर्मिला

मणिपुर जहां बीजेपी ने अपनी वोट हिस्सेदारी में जबरदस्त इजाफ़ा किया, वहां भी नोटा को पसंद करने वालों की संख्या कम नहीं रही.

यहां 0.5 प्रतिशत यानी 9,062 लोगों ने नोटा को प्राथमिकता दी.

गोवा

अरविंद केजरीवाल और लक्ष्मीकांत पारसेकर
Getty Images
अरविंद केजरीवाल और लक्ष्मीकांत पारसेकर

गोवा की कोंकोलिम विधानसभा क्षेत्र में दो प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर 33 था, यहां नोटा पर 247 वोट पड़े.

यहां नोटा को पसंद करने वालों की संख्या 10,919 रही.

कई ने चुना 'इनमें से कोई नहीं'

यहां इसका वोट शेयर 1.2 प्रतिशत रहा, जोकि जीएसएम, यूजीपी, जीएसआरपी और जीवीपी जैसी पार्टियों से भी ज़्यादा.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+