Noida Techie Death: युवराज मेहता की मौत के जिम्मेदार 80 चेहरों से उठा पर्दा! SIT की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Noida Techie Yuvraj Mehta Death Case: सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में शुक्रवार को नोएडा अथॉरिटी में हड़कंप मचा रहा। SIT ने नोएडा अथॉरिटी में डेरा डालकर 80 अधिकारियों के बयान दर्ज किए। मामले में अब SIT की जांच अपने निर्णायक दौर में है। सिस्टम के काले चेहरे को बेनकाब करने वाली ये रिपोर्ट आज शासन को सौंपी जा सकती है।

शुक्रवार को SIT की टीम नोएडा अथॉरिटी पहुंची और जांच की कमान संभाली। इस दौरान पुलिस, जिला प्रशासन, डिजास्टर मैनेजमेंट, NDRF, SDRF, फायर डिपार्टमेंट और नोएडा अथॉरिटी के करीब 80 अधिकारियों और कर्मियों को तलब कर उनके बयान दर्ज किए गए। टीम ने मुख्य रूप से 'रिस्पॉन्स टाइम' (सूचना मिलने और मौके पर पहुँचने के बीच का समय) और विभागों के बीच आपसी समन्वय की कमी पर सवाल दागे।

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Noida Techie Death: आवंटन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त

SIT ने कंट्रोल रूम के लॉग बुक, फील्ड स्टाफ की लोकेशन और स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

Noida Techie Death: डिलीवरी एग्जीक्यूटिव का चौंकाने वाला खुलासा

दूसरी ओर युवराज मेहता की मौत के मामले में अहम चश्मदीद गवाह बने 26 साल के डिलीवरी एग्जीक्यूटिव ने बड़ा खुलासा किया है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, गवाह ने आरोप लगाया है कि पुलिसवालों ने उनसे घटना के बारे में अपने वर्जन का समर्थन करने वाले बयान देने को कहा है। मोहिंदर सिंह (मेहता को बचाने गड्ढे में कूद शख्स) ने पहले मीडिया को बताया था कि उन्हें सोमवार को नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन बुलाया गया था और केस 'शांत' होने तक कुछ दिनों के लिए मीडिया से दूर रहने को कहा गया था।

सिंह ने दावा किया कि, 'मुझे पुलिस स्टेशन बुलाया गया और उन्होंने मुझे एक स्क्रिप्ट देने के बाद जबरदस्ती मेरा एक और वीडियो रिकॉर्ड किया। मुझे चार घंटे से ज़्यादा समय तक पुलिस स्टेशन के पास एक पार्क में बिठाए रखा गया।'

उनके अनुसार, पुलिसवालों ने कहा कि सीनियर अधिकारी उनसे बात करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'जब मैं वहां पहुंचा, तो तीन-चार पुलिसवाले मुझे नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के पास एक पार्क में ले गए और मीडिया से बात करने के लिए मुझे डांटा।'

सिंह ने कहा कि उनसे पुलिस के पक्ष में बयान देने को कहा गया, जिसमें यह भी शामिल था कि पुलिसकर्मी पानी में उतरे और मेहता को बचाने की हर संभव कोशिश की। उन्होंने मौखिक रूप से एक स्क्रिप्ट बताई और एक वीडियो रिकॉर्ड किया। उस समय मैं डरा हुआ था, इसलिए मैं मान गया। लेकिन बाद में, मैंने फैसला किया कि मैं इस मामले में एकमात्र चश्मदीद गवाह हूं और मुझे सच के साथ खड़ा होना चाहिए। मेरा परिवार और स्थानीय निवासी मेरा साथ दे रहे हैं।

Yuvraj Mehta Death Case: बिल्डरों पर शिकंजा

इस मामले में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई भी तेज कर दी है। लोटस ग्रीन के फरार डायरेक्टर निर्मल सिंह के खिलाफ कोर्ट से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया है। पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गौरतलब है कि इस मामले में अब तक दो रियल एस्टेट कंपनियों के तीन डायरेक्टरों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस ने लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े दो और आरोपियों, रवि बंसल और सचिन करनवाल को गिरफ्तार किया है। रवि बंसल फरीदाबाद का निवासी है, जबकि सचिन गाजियाबाद का रहने वाला है। इन पर लापरवाही बरतने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप है। इससे पहले, पुलिस ने 'विजटाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड' (MZ Wiztown) के डायरेक्टर अभय कुमार को गिरफ्तार किया था। अभय कुमार फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

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