Noida Techie Death: चश्मदीद मुनेंद्र ने SIT के सामने खोली सिस्टम की पोल, रोंगटे खड़े कर देगा ये नया खुलासा!
Noida Techie Yuvraj Mehta Death Case Update: सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। लेकिन अब इस मामले में एक ऐसा बयान सामने आया है जो सिस्टम के गाल पर करारा तमाचा है। युवराज के शव को नाले से बाहर निकालने वाले जांबाज 'फ्लिपकार्ट एजेंट' मुनेंद्र ने SIT की जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है।
मुनेंद्र का कहना है कि उन्होंने SIT को साफ-साफ बता दिया है कि उस रात क्या हुआ था और कैसे युवराज को मौत के मुंह से सुरक्षित निकाला जा सकता था। मुनेंद्र ने SIT के सामने कड़े लहजे में कहा कि उन्होंने अपना बयान नहीं बदला है और वह आज भी अपनी बात पर कायम हैं।

Noida Techie Death: कितनी देर पानी में रहा चश्मदीद?
24 जनवरी को हुई SIT जांच के दौरान मुनेंद्र ने विस्तार से बताया कि उस काली रात वह लगभग 30 से 40 मिनट तक घने अंधेरे और गंदे पानी से भरे उस नाले के अंदर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को हर वह जानकारी दी जो युवराज को बचाने के लिए की जा सकती थी।
Noida Techie Death: रेस्क्यू टीमें सिर्फ तमाशबीन बनी हुई थीं
मुनेंद्र ने बताया कि, 'मुझसे वही सवाल दोबारा पूछे गए जो मैंने पहले दिए थे, और मैंने वही दोहराए। मैंने कुछ भी बढ़ा-चढ़ाकर नहीं कहा, बस वही बताया जो मैंने अपनी आंखों से देखा और महसूस किया। मैंने विस्तार से समझाया कि उस लड़के को कैसे बचाया जा सकता था।' हैरान करने वाली बात यह है कि मुनेंद्र ने उस वक्त अपनी जान जोखिम में डालकर रस्सी के सहारे नाले में उतरने का फैसला किया था, जबकि प्रोफेशनल रेस्क्यू टीमें सिर्फ तमाशबीन बनी हुई थीं।
फ्लिपकार्ट एजेंट ने SIT को क्या-क्या बताया? देखें पूरा वीडियो
'दो घंटे तक मदद के लिए पुकारता रहा बेटा'
27 साल के युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता के लिए यह किसी डरावने सपने से कम नहीं था। उन्होंने अपनी आंखों के सामने अपने बेटे को एक अनबैरिकेड्ड, पानी से भरे गड्ढे से बाहर निकलने के लिए संघर्ष करते देखा। युवराज अपनी कार की छत पर चढ़ गया था और मोबाइल की टॉर्च जलाकर मदद का सिग्नल दे रहा था। वह दो घंटे तक मौत से लड़ता रहा, लेकिन 'स्मार्ट सिटी' नोएडा की रेस्क्यू टीम लापरवाही की इंतहा करती रही। पिता ने सिसकते हुए बताया, 'मेरे बेटे ने रेस्क्यू टीम को दो घंटे का समय दिया था, वह बहुत बहादुर था, लेकिन टीम ने उसे भगवान के भरोसे छोड़ दिया।'
Noida Techie Death: अब क्या होगा आगे?
युवराज के पिता की बस एक ही मांग है- 'मेरे बेटे को अब कोई वापस नहीं ला सकता, लेकिन मैं चाहता हूं कि उन 80 लापरवाह चेहरों और दोषी विभागों को ऐसी कड़ी सजा मिले कि भविष्य में किसी और का 'युवराज' इस तरह सिस्टम की भेंट न चढ़े।' योगी सरकार ने इस मामले में पहले ही नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी को हटाने और कुछ गिरफ्तारियों के आदेश दिए हैं। मामले में हत्या और पर्यावरण कानूनों के उल्लंघन की धाराओं में केस दर्ज है, और अब मोहिंदर की यह गवाही उन 80 चेहरों पर गाज गिराने के लिए काफी है जो युवराज की मौत के समय तमाशा देख रहे थे।









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