Noida Techie Case: डिलीवरी ब्वॉय की लोकेशन ने उलझाई युवराज की मौत की गुत्थी, घटना के वक्त कहां था मुनेंद्र?
Noida Techie Case Update: नोएडा के सेक्टर-150 में इंजीनियर युवराज मेहता (Yuvraj Mehta) की दर्दनाक मौत के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसमें 'हीरो' बनकर उभरे डिलीवरी ब्वॉय मुनेंद्र सिंह की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए गए हैं।
पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक, जिस समय मुनेंद्र कड़ाके की ठंड में 40 मिनट तक पानी में उतरकर युवराज को बचाने का दावा कर रहा था, उस वक्त उसके मोबाइल फोन की लोकेशन घटनास्थल से काफी दूर पाई गई है। SIT की इस रिपोर्ट ने मामले को पूरी तरह से उलझा दिया है।

Noida Techie Death Case: लोकेशन में फंसा मामला
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस विभाग द्वारा SIT को सौंपी गई टाइमलाइन और कॉल डिटेल्स (CDR) में दावा किया गया है कि पुलिस कंट्रोल रूम को मिली पहली कॉल से लेकर रेस्क्यू टीम के पहुंचने तक मुनेंद्र की स्थिति संदिग्ध थी।
हालांकि, मुनेंद्र लगातार कह रहा है कि वह मौके पर ही था और इस बात की पुष्टि मृतक युवराज के पिता और कुछ अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने भी की है। मुनेंद्र का आरोप है कि पुलिस उसे गलत साबित करने के लिए साजिश रच रही है ताकि सिस्टम की लापरवाही को छिपाया जा सके।
Noida Techie Case: साजिश का आरोप
इस बीच, सोशल मीडिया पर मुनेंद्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कुछ लोगों से रुपये लेता दिखाई दे रहा है। मुनेंद्र ने इस पर सफाई देते हुए इसे खुद को बदनाम करने की गहरी साजिश बताया है। मुनेंद्र के मुताबिक, 18 जनवरी को कुछ लोग उसके घर आए थे और उन्होंने डराया कि पुलिस उन दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाली है। कोर्ट-कचहरी और वकील के नाम पर उसे जबरन 5 हजार रुपये थमा दिए गए और अब उसी वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
CCTV फुटेज से होगा असली पहचान का खुलासा
मुनेंद्र के भाई सोमेंद्र ने बताया कि उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रुपये देने वाले दो संदिग्ध लोग कैद हुए हैं। परिवार अब इन लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। उनका कहना है कि मुनेंद्र ने अपनी जान जोखिम में डालकर इंसानियत दिखाई थी, लेकिन अब उसे फंसाने के लिए सरकारी सिस्टम और कुछ अज्ञात तत्व मिलकर काम कर रहे हैं। फिलहाल, SIT रिपोर्ट और मुनेंद्र के दावों के बीच फंसी यह जांच अब और भी ज्यादा पेचीदा हो गई है।
Noida Techie Death Case: युवराज मेहता केस में अब तक क्या-क्या हुआ?
इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित SIT ने अपनी 600 पन्नों की विस्तृत जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसमें 150 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई के रूप में नोएडा अथॉरिटी के सीईओ (CEO) लोकेश एम. को पद से हटा दिया गया है और लापरवाही बरतने वाले एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त कर दिया गया है।
इसके अलावा, पुलिस ने बिल्डर फर्म 'एमजेड विस्टाउन' और 'लोटस ग्रीन' के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है, जिसमें बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में रेस्क्यू ऑपरेशन में हुई 2 घंटे की देरी, बैरिकेडिंग के अभाव और विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी को मौत का मुख्य कारण माना है।












Click it and Unblock the Notifications