Noida Protest: कौन हैं RJD की वो 2 महिला प्रवक्ता? हिंसा की आग में घी डालने का आरोप, किन धाराओं में FIR दर्ज?
Noida Protest Update News Hindi: नोएडा में दो दिन पहले मजदूरों के उग्र प्रदर्शन ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। आज बुधवार (15 अप्रैल) को स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। फैक्टरियां खुल गई हैं, कामकाज शुरू हो गया है और सड़कें भी सुबह की रफ्तार पकड़ रही हैं। लेकिन इस बवाल के बीच एक नया मोड़ आ गया है। RJD की दो नेशनल स्पोक्सपर्सन कंचना यादव और प्रियंका भारती पर नोएडा साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है।
आरोप है कि दोनों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और पोस्ट शेयर करके हिंसा की आग में घी डाला, माहौल बिगाड़ा और पुलिस की छवि खराब करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिला प्रवक्ताओं ने गलत वीडियो शेयर कर नोएडा के अलग-अलग इलाकों में भय और अविश्वास का माहौल बनाया। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वनइंडिया की टीम ने दोनों प्रवक्ताओं से संपर्क साधने का प्रयास किया। लेकिन, न फोन उठा और न ही मैसेज पर कोई जवाब आया। कोई भी प्रतिक्रिया आने पर अपडेट किया जाएगा। आइए विस्तार से जानें आखिर कौन हैं ये दोनों प्रवक्ता? किन धाराओं में मुकदमा?

नोएडा में आज का अपडेट: फैक्टरियां खुलीं, तनाव थमा
आज सुबह नोएडा सेक्टर 63, 84, 85, 80 और फेस-2 में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। जगह-जगह भारी फोर्स तैनात है। 16 कंपनी RAF और PAC की तैनाती की गई है। CCTV और ड्रोन से निरंतर निगरानी हो रही है। कंपनियों के गेट पर सैलरी हाइक के नोटिस चस्पा हैं, जिनमें कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया है कि उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि कुछ कंपनियों ने आज छुट्टी घोषित कर दी है। गेट पर नोटिस लगा है कि आज कंपनी बंद रहेगी। कल के लिए सूचना पहले से दी जाएगी। गौतम बुद्ध नगर की डीएम मेधा रुपम ने साफ कहा है कि अगर कोई आउटसोर्सिंग एजेंसी या उसका कर्मचारी उपद्रव में शामिल हुआ, तो एजेंसी की भी जिम्मेदारी तय होगी। ऐसी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और लाइसेंस रद्द हो सकता है।
दरअसल, दो दिन पहले यानी सोमवार को नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूरों ने सैलरी हाइक की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। हरियाणा में हाल ही में 35% वेतन वृद्धि के ऐलान के बाद UP के मजदूरों में आक्रोश था। प्रदर्शन जल्दी ही हिंसक हो गया। पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। हजारों मजदूर सड़कों पर उतरे। यूपी सरकार ने तुरंत 21% अंतरिम वेतन वृद्धि का ऐलान कर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाहों ने आग को और भड़का दिया।
FIR का मामला: RJD प्रवक्ताओं पर भ्रामक वीडियो शेयर करने का आरोप
नोएडा पुलिस ने अब साइबर क्राइम ब्रांच के जरिए एक्शन लिया है। RJD की नेशनल स्पोक्सपर्सन कंचना यादव और प्रियंका भारती पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से गलत वीडियो और भड़काऊ पोस्ट शेयर किए। पुलिस का कहना है कि इन पोस्ट्स से न सिर्फ मजदूरों में गुस्सा बढ़ा, बल्कि पुलिस की छवि को भी नुकसान पहुंचाया गया।
यह केस सिर्फ दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं है। यह बड़े सवाल उठाता है कि क्या विपक्षी पार्टियां प्रदर्शनों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही हैं? RJD बिहार आधारित पार्टी है, लेकिन उसके नेशनल स्पोक्सपर्सन UP के मुद्दे पर सक्रिय हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में दोनों ने मजदूरों की मांगों का समर्थन किया, लेकिन पुलिस के अनुसार कुछ वीडियो पुराने या संदर्भ से बाहर के थे, जो माहौल खराब करने के लिए इस्तेमाल किए गए।
आइए अब जानते हैं कि कौन हैं दोनों RJD प्रवक्ता?
Who Is Kanchana Yadav: कौन हैं कंचना यादव? JNU से RJD का फायरब्रांड चेहरा

कंचना यादव RJD की राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। वे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की रिसर्च स्कॉलर रही हैं। लाइफ साइंसेज में PhD कर रही हैं और CSIR फेलो भी हैं। 2023 में तेजस्वी यादव की रणनीति के तहत उन्हें RJD ने युवा और पढ़े-लिखे चेहरे के रूप में प्रवक्ता बनाया।

टीवी डिबेट्स में कंचना अपनी तेज, आक्रामक और तथ्य-आधारित बहस के लिए मशहूर हैं। बिहार राजनीति में युवा महिला आवाज के रूप में उभरीं। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहती हैं और पार्टी लाइन को बिना झिझक रखती हैं। उनका बैकग्राउंड JNU की छात्र राजनीति से जुड़ा है, जहां उन्होंने फीस वृद्धि जैसे मुद्दों पर आंदोलन भी किया। RJD के लिए वे 'नई पीढ़ी' का प्रतीक हैं।
Who Is Priyanka Bharti: कौन हैं प्रियंका भारती? जर्मन स्टडीज की PhD स्कॉलर से TV डिबेटर
प्रियंका भारती भी RJD की नेशनल स्पोक्सपर्सन हैं। वे JNU से ही PhD कर रही हैं, उनका विषय जर्मन भाषा और स्टडीज रहा है। 2023 में कंचना के साथ ही उन्हें प्रवक्ता बनाया गया। तेजस्वी यादव की टीम ने इन्हें पार्टी की युवा, शिक्षित और बहुजन छवि बनाने के लिए चुना।
प्रियंका टीवी डिबेट्स में तर्क, डेटा और तेज जवाबों के लिए जानी जाती हैं। सोशल जस्टिस, संविधान और बहुजन मुद्दों पर खुलकर बोलती हैं। उन्होंने मनुस्मृति जैसे विवादित मुद्दों पर भी अपनी स्टैंड ली है, जिसके चलते FIR भी हुई थी। RJD के 'फायरब्रांड महिला चेहरों' में दोनों का नाम सबसे ऊपर आता है।

RJD की नई रणनीति: JNU से प्राइम टाइम तक
RJD को पहले ग्रामीण और यादव-मुस्लिम आधार वाली पार्टी माना जाता था। 2023 से तेजस्वी यादव ने पार्टी को नया रूप देने की कोशिश की। JNU, DU जैसे संस्थानों से युवा, पढ़े-लिखे चेहरे लाए गए। कंचना और प्रियंका इसी बदलाव की मिसाल हैं। दोनों टीवी डिबेट में बड़े एंकरों और BJP नेताओं से सीधी भिड़ंत करती हैं। उनके वायरल क्लिप्स सोशल मीडिया पर लाखों बार देखे जाते हैं।
बिहार चुनाव से पहले यह रणनीति RJD को 'आधुनिक और आक्रामक' दिखाने में काम आई। लेकिन UP जैसे मुद्दों पर इनकी सक्रियता से सवाल उठ रहे हैं कि क्या RJD अब NCR के श्रमिक आंदोलनों में भी दखल दे रही है?
सोशल मीडिया की भूमिका: भड़काऊ पोस्ट बनाम मजदूरों की असली मांग
नोएडा प्रदर्शन की जड़ में मजदूरों की असली तकलीफ थी कि 13,000 रुपये मासिक सैलरी, महंगाई और हरियाणा के मुकाबले कम वेतन। लेकिन कुछ भड़काऊ पोस्ट्स ने इसे हिंसा में बदल दिया। पुलिस का कहना है कि नए बनाए गए व्हाट्सएप बॉट्स और फेक अकाउंट्स ने अफवाह फैलाई। RJD प्रवक्ताओं पर आरोप है कि उन्होंने इन अफवाहों को बढ़ावा दिया।
किन-किन धाराओं में मुकदमा दर्ज? क्या होगी सजा?

BNS की धारा 353(1)(b) के साथ IT Act की धारा 66 और 66D के तहत केस दर्ज किया गया है। आपको बता दें कि, 353(1)(b) यह धारा झूठी/भ्रामक जानकारी फैलाने से जुड़ी है। इसमें 3 साल तक की जेल, या जुर्माना, या दोनों हो सकता है। वहीं, IT Act की धारा 66 धारा कंप्यूटर/डिजिटल डेटा से छेड़छाड़ या हैकिंग से जुड़ी है। इसमें 3 साल तक की जेल, या 5 लाख रुपये तक जुर्माना। IT Act की धारा 66D ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़ी है। इसमें 3 साल तक की जेल, या 1 लाख रुपये तक जुर्माना, या दोनों हो सकती है।
आगे क्या? कानूनी कार्रवाई और सबक
FIR के बाद दोनों प्रवक्ताओं पर कानूनी लड़ाई शुरू हो गई है। RJD की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी की रणनीति में यह एक नया ट्विस्ट है। डीएम मेधा रुपम का बयान साफ है कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां भी जवाबदेह होंगी। नोएडा जैसे इंडस्ट्रियल हब में मजदूर आंदोलन भविष्य में भी उठ सकते हैं। सैलरी हाइक, लिविंग कंडीशंस और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी, ये तीन बड़े मुद्दे अब फोकस में हैं।













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