Noida expressway: शहर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी, नोएडा को मिलेगा नया हाई-टेक एक्सप्रेसवे
Noida expressway: उत्तर प्रदेश के नोएडा में बढ़ती ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए एक नए एक्सप्रेसवे के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से दिल्ली और हरियाणा से आने-जाने वाले यातायात को सुगम बनाया जाएगा। नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर लगने वाले जाम को कम करने में यह एक्सप्रेसवे अहम भूमिका निभाएगा।
नोएडा प्राधिकरण की 217वीं बोर्ड बैठक में इस परियोजना पर सहमति बनी। इस बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने की। बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और यातायात समस्या के समाधान के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

प्राधिकरण के अनुसार, नया एक्सप्रेसवे यमुना मार्जिनल बंध रोड के समानांतर बनाया जाएगा। इसे एलिवेटेड या ऑनग्राउंड बनाया जा सकता है, जिससे क्षेत्र में सुगम यातायात व्यवस्था बनेगी। इसके निर्माण से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ रहे ट्रैफिक के दबाव को कम किया जा सकेगा।
इसका सबसे ज्यादा फायदा उन यात्रियों को मिलेगा जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक आसानी से पहुंचना चाहते हैं। मौजूदा समय में एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सीमित मार्ग हैं, जिन पर ट्रैफिक का दबाव अधिक रहता है। नए एक्सप्रेसवे से सफर आसान और तेज हो जाएगा।
रियल एस्टेट परियोजनाओं को राहत
बैठक में रियल एस्टेट से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई। राज्य सरकार के 2023 के आदेश के तहत रुकी हुई 57 परियोजनाओं में से 33 को राहत मिली है। इससे हजारों फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिली है, जो अपने घर की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे थे।
प्राधिकरण के मुताबिक, अब तक 3,620 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इनमें से 2,726 खरीदारों को रजिस्ट्री मिल भी चुकी है। लंबे समय से ठप पड़ी परियोजनाओं के पूरे होने से लोगों को अपने घर का मालिकाना हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपना बजट पेश किया। इस बार 9,008 करोड़ रुपये की आय और 8,732 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए इस बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
बजट के तहत विकास कार्यों के लिए 2,410 करोड़ रुपये, रखरखाव के लिए 2,229 करोड़ रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए 224 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इससे शहर की आधारभूत संरचना को और मजबूत किया जाएगा।
पिछले वित्तीय वर्ष का प्रदर्शन और आगे की योजना
वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान नोएडा प्राधिकरण ने 7,713 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 6,809 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। यह अब तक के सबसे ज्यादा राजस्व संग्रह में से एक है, जो कुल लक्ष्य का 88.28% है।
इस बैठक में मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण ने भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखा है ताकि नोएडा को एक सुव्यवस्थित और आधुनिक शहर बनाया जा सके।












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