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Noida International Airport: कब खुल रहा नोएडा जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किन शहरों के लिए शुरू होगी फ्लाइट?

Noida International Airport: उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
(NIA) अब उड़ान भरने के बिल्कुल करीब पहुंच गया है। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) से एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद इसकी सबसे बड़ी औपचारिकता पूरी हो गई है।

शुक्रवार को DGCA ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस जारी कर दिया। इस लाइसेंस के साथ एयरपोर्ट को आधिकारिक तौर पर संचालन की अनुमति मिल गई है। यह मंजूरी मिलने के बाद एयरपोर्ट अब लॉन्च से पहले की अंतिम बाधाओं को पार कर चुका है। आइए जानते हैं जेवर एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब कब एयरपोर्ट यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगा और किन प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें संचालित होगी?

Noida International Airport

BCAC की सुरक्षा मंजूरी के बाद खुला रास्ता

इससे ठीक एक दिन पहले ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने भी एयरपोर्ट को जरूरी सुरक्षा मंजूरी दे दी थी। जेवर में करीब 1,300 हेक्टेयर जमीन पर बने इस एयरपोर्ट के लिए यह अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी जरूरी सुरक्षा और संचालन मानकों को पूरा करने के बाद इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए लाइसेंस दिया गया है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कब खुलेगा?

सरकारी योजना के मुताबिक, DGCA की मंजूरी मिलने के बाद करीब 45 दिनों के भीतर यहां से कार्गो और घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू किया जा सकता है। इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की एयर कनेक्टिविटी को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

क्‍यों हुई देर?

दरअसल, इस एयरपोर्ट का उद्घाटन पहले सितंबर 2024 में प्रस्तावित था, लेकिन कुछ तकनीकी और सुरक्षा कारणों से इसमें देरी हो गई। इनमें डॉप्लर वेरी हाई फ्रीक्वेंसी ओमनीडायरेक्शनल रेंज (DVOR) सिस्टम के साथ संभावित हस्तक्षेप की आशंका शामिल थी, जो विमान नेविगेशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपकरण है।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा जेवर एयरपोर्ट

एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया गया है, जिसकी दिशा 10/28 है। यहां इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एयरोनॉटिकल ग्राउंड लाइटिंग (AGL) जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे यह एयरपोर्ट 24×7 संचालन में सक्षम होगा।

बड़े विमानों के लिए भी तैयार

यहां 24 कोड-सी और 2 कोड-डी/एफ विमानों के लिए पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं। साथ ही एयरपोर्ट में ARFF कैटेगरी 9 की फायर और रेस्क्यू सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे बोइंग 777-300ER जैसे बड़े वाइड-बॉडी विमानों को भी संभाला जा सकेगा।

चार चरणों में होगा पूरा विकास

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। सभी चरण पूरे होने के बाद यह एयरपोर्ट सालाना लगभग 7 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। साथ ही इसे एक बड़े मल्टी-मॉडल कार्गो हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।

किन 10 प्रमुख शहरों के लिए शुरू होगी उड़ानें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरूआत में देश के 10 प्रमुख शहरों के लिए उड़ाने शुरू हो सकती है। इसे लेकर एयरपोर्ट की तरफ से विमान कंपनियों के साथ एग्रीमेंट भी हो चुका है। जिन प्रमुख शहरों के लिए शुरूआत में फ्लाइट शुरू होगी उनमें हैदराबाद, बेंगलुरू, चेन्‍नई, मुंबई, लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, गोरखपुर, अहमदाबाद
जयपुर है। इसके बाद इंटनेशनल उड़ानों का संचालन शुरू होगा। शुरूआती दौर में डोमेस्टिक और कार्गो फ्लाइट से नए नवेले नोएडा एयरपोर्ट का शुभारंभ होगा।

पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, NCR में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के बाद दूसरा बड़ा एयरपोर्ट होगा। इसके पहले चरण में हर साल करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी, जिससे क्षेत्र में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग पूरी की जा सकेगी।

ज़्यूरिख एयरपोर्ट कंपनी संभाल रही है संचालन

इस परियोजना का काम अक्टूबर 2020 में ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को दिया गया था। कंपनी अपनी भारतीय सहयोगी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) के जरिए 40 साल की पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर इस एयरपोर्ट का विकास और संचालन कर रही है।

आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी राज्य की विशेष प्रयोजन संस्था नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) कर रही है। एयरपोर्ट के शुरू होने से एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और क्षेत्र में व्यापार व आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

स्टील की दीवार पर भी उठे थे सवाल

DVOR के पास बनाई गई एक अस्थायी स्टील की दीवार को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियों ने सवाल उठाए थे। आशंका थी कि इससे टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान विमान संचालन प्रभावित हो सकता है। इसके बाद BCAS ने एयरपोर्ट ऑपरेटर से इसे स्थायी दीवार से बदलने के निर्देश दिए।
छह महीने में बनेगी स्थायी दीवार

मामले से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, BCAS ने इस शर्त पर मंजूरी दी है कि अस्थायी स्टील संरचना की जगह छह महीने के भीतर स्थायी दीवार बनाई जाएगी। यह कदम विमान संचालन की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी माना गया है।

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