मैगी में राख की खबर को नेस्ले इंडिया ने सिरे से नकारा

Posted By: Prashant
Subscribe to Oneindia Hindi
    Maggi एक बार फिर Test में हो गई Fail , लगाया गया 35 lakh का Fine वनइंडिया हिंदी

    शाहजहांपुर/नई दिल्‍ली। तमाम भारतीयों का पसंदीदा नूडल्‍स मैगी एक बार फिर सुर्खियों में है। ऐसी खबर आयी है कि मैगी में राख में पाये जाने वाले धातु हैं। इस खबर के आते ही नेस्ले इंडिया ने बयान जारी करते हुए इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। नेस्ले इंडिया ने अपने वक्तव्य में कहा है, "हम पूरे विश्‍वास के साथ दावा करते हैं कि मैगी नूडल्स 100 प्रतिशत सुरक्षित है। हमें एडज्यूडिकेशन अधिकारी द्वारा पारित आदेश नहीं मिले हैं, लेकिन हमें सूचना दी गई है कि ये नमूने साल 2015 के हैं और यह समस्या नूडल्स में 'राख की सामग्री' से संबंधित है।

     Maggie's sample fails in investigation slaps 35 lakh fine

    नेस्ले इंडिया ने आगे कहा, "यह मापदंडों के त्रुटिपूर्ण प्रयोग का मामला लगता है और आदेश मिलने के बाद हम तत्काल एक अपील दायर करेंगे। 2015 में नेस्ले इंडिया एवं अन्य कंपनियों ने औद्योगिक संगठनों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों के सामने इंस्टैंट नूडल्स के लिए मापदंड स्थापित करने के लिए प्रतिनिधित्व किया था, ताकि प्रवर्तन अधिकारियों व ग्राहकों के मन में कोई भ्रम न रह जाए। इसके बाद मापदंड तय कर दिए गए हैं और उत्पाद अब इन मापदंडों का पालन करता है। हमें इससे ग्राहकों के मन में पैदा हुए भ्रम पर खेद है।"

    गौरतलब है कि मल्टी नेशनल कंपनी के लोकप्रिय प्रोडक्ट मैगी के कई नमूने जांच में फेल होने की खबर आयी थी। नमूने फेल हो जाने के बाद जिला प्रशासन ने मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले पर 35 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया।

    बता दें कि 2015 मे 29 व 30 मई और आठ व 12 जून को जिले मे विभिन्न स्थानों से नेस्ले के वितरकों और विक्रेताओं से मैगी छोटू, मैगी टू मिनट्स नूडल, मैगी मसाला, मैग वेज आटा नूडल्स, मैगी मीट्रिलिटियस, मैगी पास्ता आदि उत्पादों के सात नमूने सील किए थे।

    न्याय निर्णायक अधिकारी /एडीएम प्रशासन जितेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि सील किए गए नमूने जांच के लिए लखनऊ स्थित राजकीय जन विश्लेषक प्रयोगशाला में भेजे गए थे। जांच मे पाया गया कि उनमे एश कंटेट (धातु भस्म) की मात्रा निर्धारित मानक से कई गुना अधिक पाई गई है। इस मामले मे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा दर्ज कराए मुकदमों की सुनवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 51 के तहत नेस्ले कंपनी को 35 लाख रुपये और उसकी इकाईयों के संचालकों को पांच-पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एडीएम प्रशासन ने विक्रेताओं और वितरकों पर भी 17 लाख का जुर्माना लगाया है। रिपोर्ट मे कहा गया है कि सभी नमूनों मे टोटल एश कंटेट की मात्रा तय मानक से कई गुना अधिक है।

    खाद्य पदार्थ मे अखाद्य राख की भारी मिलावट को गंभीरता से लेते हुए सीएफएसओ ने एडीएम कोर्ट मे विक्रेता रिंकू गुप्ता पुत्र प्रकाश गुप्ता निवासी मिरानपुर कटरा, निगोही स्थित बालाजी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर रवि किशोर पुत्र नंद किशोर,पुवायां के मोहल्ला गढ़ी के रहने वाले आदेश गुप्ता पुत्र राम औतार गुप्ता, नेस्ले के वितरक अनिल कपूर पुत्र राम कृष्ण कपूर निवासी बहादुरगंज, और प्रमोद लखोरिया पुत्र शंभू दयाल लखोरिया निवासी माधौबाङी बरेली के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। एडीएम प्रशासन जितेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि इस कार्रवाई से खाद्य वस्तुओं का कारोबार करने वाली नामचीन कंपनियां अपने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने के प्रति अधिक सतर्कता बरतेंगी।

    ये भी पढ़ें- VIDEO: धड़ से 20 मीटर दूर पटरी पर पड़ा मिला युवक का सिर, क्यों दूर तक झाड़ियों में घसीटा गया...

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Maggie's sample fails in investigation slaps 35 lakh fine in Shahjahanpur

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.