मोदी सरकार की बड़ी सौगात, ओबीसी छात्राओं के लिए बनेगा अलग से आवासीय स्कूल

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की शिक्षा में बदलाव लाने के लिए योगी सरकार एक और बड़ा प्रयास करने जा रही है। अनुसूचित जाति के छात्र व छात्राओं को स्कूल लाने के लिए सरकार नया प्रयास करने जा रही है। अब इन लड़कियों के लिए आवासीय स्कूल खोले जाएंगे। साथ ही इन स्कूलों में 70 फीसदी दाखिला अनुसूचित जाति की लड़कियों को ही दिया जाएगा। इन स्कूलों में अनुसूचित जाति के बच्चों के लिए 70 फीसदी का आरक्षण होने से इन बच्चों को अपनी पढ़ाई को जारी रखने में मदद मिलेगी।

30 फीसदी लड़कियां बीपीएल

30 फीसदी लड़कियां बीपीएल

इन स्कूलों में उन बच्चों को दाखिला मिलेगा जिनके परिवार की सालाना कमाई ढाई लाख रुपए से कम है। वहीं 30 फीसदी उन बच्चों को इस स्कूल में दाखिला दिया जाएगा जो बीपीएल कैटेगरी की छात्राओं के लिए आरक्षित है। इस स्कूल के लिए मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने बकायदा पत्र लिखकर केंद्र को सूचित किया है। पत्र में इस प्रोजेक्ट को खास तरजीह देने के लिए कहा गया है, ताकि इसे जल्द से जल्द शुरु किया जा सके।

12 तक की मिलेगी शिक्षा

12 तक की मिलेगी शिक्षा

इस स्कूल में कक्षा छह से 12 तक की लड़कियों को आवासीय शिक्षा के लिए दाखिला दिया जाएगा। यह स्कूल पिछड़े हुए जिलों में ही खोले जाएंगे, जहां अनुसूचित जाति के लोगों की आबादी अधिक है। इस स्कूल का मुख्य लक्ष्य है कि जो लड़कियां फेल होने, स्कूल दूर होने या किसी और वजह से स्कूल नहीं जा पाती है उन्हें यहां दाखिला दिया जाए, ताकि इन लड़कियों को यहं बेहतर शिक्षा हासिल हो सके।

समाज कल्याण विभाग चलाएगा स्कूल

समाज कल्याण विभाग चलाएगा स्कूल

इन स्कूलों का संचालन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से किया जाएगा, इन्हें अनुदान इन्ही विभाग की ओर से मिलेगा। जबकि इन स्कूलों का संचालन का जिम्मा समाज कल्याण विभाग का होगा। गौरतलब है कि इस योजना के लिए केंद्र सरकार पैसा देगी, लेकिन जमीन की व्यवस्था प्रदेश सरकार की ओर से की जाएगी। हर स्कूल को 15-20 एकड़ के क्षेत्रफल में बनाया जाएगा। इस स्कूल के लिए जमीन निशुल्क मुहैया कराई जाएगी, लेकिन जबतक इन स्कूलों की बिल्डिंग नहीं बन जाती है, इन्हें किराए के घर पर भी चलाया जा सकता है।

तीन साल केंद्र करेगा वहन

तीन साल केंद्र करेगा वहन

शुरू के तीन साल में इन स्कूलों को केंद्र सरकार द्वारा फंड दिया जाएगा, लेकिन इसके बाद राज्य को इसके लिए खुद ही फंड इकट्ठा करना होगा। स्कूल के भवन निर्माण से लेकर शिक्षकों की तैनाती तक का जिम्मा प्रदेश सरकार का होगा। इस योजना के तहत हर प्रदेश में अधिकतम पांच स्कूल खोले जाएंगे, ये पांचों स्कूल उन जगहों पर ही खोले जाएंगे जहां की अनुसूचित जाति की आबादी अधिक होगी। हर कक्षा में 60 छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा।

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English summary
New education system to be launched for the OBC girl student. UP to get 5 new school soon for the obc girl students.
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