मिलिए रामभक्त नाजनीन अंसारी से, राम मंदिर के लिए दे चुकी चंदा

बनारस शहर नाजनीन अंसारी को रामभक्त के नाम से जानता है। वह अयोध्या में राम मंदिर बनाने के लिए चंदा भी दे चुकी हैं।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार बनने के बाद देश में एक बार फिर राम मंदिर सुर्खियों में है। हम आज आपको वाराणसी के एक मुसलमान महिला नाज़नीन अंसारी के बारे में बता रहे हैं जो रोजे और नमाज की पाबंद हैं लेकिन इन्हें पूरा बनारस रामभक्त के नाम से जनता हैं।

कौन हैं नाजनीन अंसारी ?

कौन हैं नाजनीन अंसारी ?

नाजनीन अंसारी वाराणसी के एक बुनकर परिवार से हैं। लेकिन गरीबी के बावजूद नाजनीन ने अपनी पढ़ाई की और आज वह वाराणसी में मुस्लिम महिला फाउंडेशन की सदर हैं। 30 वर्षीय नाजनीन वैसे तो मुस्लिम हैं लेकिन उनका मानना है कि सभी धर्म एक सामान हैं और सबको सारे धर्मों का सम्मान करना चाहिए। नाजनीन कहती हैं कि अयोध्या रामचंद्र जी की जन्मभूमि है तो वहां राम मंदिर का निर्माण होना चाहिए ।

राम मंदिर के लिए नाजनीन ने दिया चंदा

राम मंदिर के लिए नाजनीन ने दिया चंदा

नाजनीन कहती हैं कि जब वो अयोध्या में श्रीराम को टेंट में देखकर उनको बहुत कष्ट हुआ और उसने सोचा कि अगर मुसलमान चाहते तो वहां अभी तक राम मंदिर बन चुका होता। नाजनीन अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने की पक्षधर हैं और खुद पहल भी कर चुकी हैं। उन्होंने खुद अयोध्या जाकर वहां मंदिर बनाने के लिए चन्दा भी कटवा चुकी हैं।

नाजनीन ने धार्मिक ग्रंथों को उर्दू में लिखा

नाजनीन ने धार्मिक ग्रंथों को उर्दू में लिखा

नाजनीन बताती हैं कि 2006 में बनारस के संकट मोचन में बम ब्लास्ट हुआ तो हिन्दुओं का मुसलमानों के प्रति नजरिया बदल गया जिसके बाद उनके साथ कई मुस्लिम महिलाओं ने संकट मोचन मंदिर जाकर पूजा-पाठ किया। इसके बाद नाजनीन ने हिंदू धार्मिक ग्रंथों का उर्दू में अनुवाद किया और लोगों को जागरूक किया।

नाजनीन ने लिखी राम की आरती

नाजनीन ने लिखी राम की आरती

नाजनीन ने हनुमान चालीस समेत दुर्गाचालीसा और अन्य हिन्दू ग्रंथो का उर्दू में अनुवाद किया है। यही नहीं नाजनीन ने खुद राम आरती भी लिखी हुई हैं और जिसे वो हर वर्ष राम नवमी के दिन राम की आरती कर गाती भी हैं।

विवादित जगह पर क्यों बनना चाहिए राम मंदिर?

विवादित जगह पर क्यों बनना चाहिए राम मंदिर?

नाजनीन ने कहा कि बाबर मुसलमान नहीं था लेकिन लोग उसे अपना पूर्वज मानते हैं क्योंकि वो एक मंगोल था। नाजनीन कहती हैं कि अयोध्या में पहले मंदिर था, ये इतिहास में भी दर्ज है जिसे बाबर ने गिरवा दिया था। अब जब हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए सुप्रीम कोर्ट ने ये सलाह दी है तो इस पर बातचीत होनी चाहिए। नाजनीन का कहना है कि विवादित जगह पर कभी नमाज नहीं पढ़ना चाहिए इसलिए अब वहां राम मंदिर बनवा देना चाहिए ।

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