नमाज विवाद: लुलु मॉल ने कहा- परिसर में किसी प्रकार की धार्मिक प्रार्थना की इजाजत नहीं, लगाया गया बोर्ड
लखनऊ, 15 जुलाई: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लुलु मॉल में नमाज पढ़ने का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। इसका वीडियो वायरल होने के बाद बहुत से धार्मिक संगठनों ने मॉल में धार्मिक गतिविधियों का विरोध किया था। साथ ही ट्विटर पर भी इसके बॉयकॉट की अपील हुई। जिस पर अब मॉल अथॉरिटी की ओर से नए निर्देश आ गए हैं। साथ ही वहां पर एक बोर्ड भी लगा दिया गया, जिसमें लिखा है कि मॉल परिसर में किसी भी तरह की धार्मिक प्रार्थना की अनुमति नहीं है।
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दरअसल मॉल का वीडियो सामने आते ही अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कुछ सदस्य मॉल के गेट के बाहर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके अलावा मॉल में उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत मांगी। मामले में सभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि एक विशेष समुदाय के लोगों को मॉल के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन हिंदुओं को हनुमान चालीसा पढ़ने से रोका जा रहा है।
इसके बाद मॉल के महाप्रबंधक समीर वर्मा ने एक वीडियो के जरिए बयान जारी करते हुए कहा कि लुलु मॉल सभी धर्मों का सम्मान करता है। यहां किसी भी तरह के धार्मिक कार्य या प्रार्थना की अनुमति नहीं है। हम इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपने फ्लोर स्टाफ और सुरक्षा कर्मचारियों को प्रशिक्षित करते हैं। हालांकि उन्होंने मॉल परिसर में नमाज अदा करने से जुड़े विवाद पर कोई टिप्पणी नहीं की।
वहीं लुलु मॉल के अधिकारियों ने सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। जिसमें अज्ञात लोगों पर बिना इजाजत नमाज पढ़ने का आरोप लगाया गया। इस मामले में आईपीसी की धारा 153ए, 295ए, 341 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले में साउथ लखनऊ के एडीसीपी राजेश श्रीवास्वत ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।












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