एसपी सुरेंद्र के भाई बोले, मां की सलाह से उठाएंगे अगला कदम
कानपुर। यूपी के कानपुर में जहर खाने वाले एसपी सुरेंद्र कुमार दास ने पांच दिन संघर्ष के बाद दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी मौत के बाद बड़े भाई नरेंद्र दास ने कहा कि सुरेंद्र की मौत से पूरा परिवार टूट चुका है। मैं भाई के क्रियाक्रम में अभी व्यस्त हूं। इसके बाद मां जैसा कहेंगी वैसा करेंगे। वहीं सीओ कैंट अजीत सिंह चौहान का कहना है कि परिवार की तरफ से अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोर्ट में पहुंचा मामला
वहीं, सुरेंद्र की मौत का मामला अब कोर्ट तक पहुंच गया है। एसपी सुरेंद्र दास की आत्महत्या के मामले में एडवोकेट प्रमोद कुमार सक्सेना ने सीएमएस कोर्ट में अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज करने संबधी में अर्जी दी है। वहीं इस केस की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 22 सितंबर की तारीख दी है।

घरेलू कलह से परेशान होकर उठाया कदम
वकील के मुताबिक, मीडिया में छपी खबरों से साफ है कि घरेलू कलह से परेशान होकर एसपी सुरेंद्र ने सल्फास की गोलियां खा ली थी। पांच दिन संघर्ष के बाद सुरेंद्र की नौ सितंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई। आपको बता दें कि खुलासे में पता चला कि एसपी ने गूगल पर आत्महत्या के तरीके खोज रहे थे।

मेरा भाई बहुत सीधा है: नरेंद्र
बड़े भाई नरेंद्र ने कहा कि सुरेंद्र सीधा साधा आदमी था। लेकिन पारिवारिक कलह के चलते सुरेंद्र ने यह कदम उठाया है। सुरेंद्र जो कुछ भी अपनी पत्नी से कहते थे, लेकिन पत्नी उसकी एक ना सुनती थी। नरेंद्र ने यह आरोप झूठा बताया कि सुरेंद्र के घरवाले रवीना के घर वालों से पैसे मांगते थे। नरेंद्र ने कहा कि उनकी मां इंदू को 33 हजार रूपए प्रतिमाह पेंशन मिलती है। हमारी दुकान भी है और हम लोग खुद सक्षम हैं। नरेंद्र ने कहा कि सुरेंद्र से मैंने कभी पैसा नहीं मांगा है। बड़े भाई का आरोप है कि शादी के बाद से पत्नी लखनऊ स्थित घर पर रहने की जगह गोमतीनगर में अपने पिता के घर चली जातीं थीं। मां इंदू की मानें तो बेटे से बात किए हुए उन्हें करीब दो महीने हो गए थे।
मदद बस एक कॉल दूर
पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा
iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821
सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे












Click it and Unblock the Notifications