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Mulayam Singh Yadav को मिली कोठी अब नहीं रहेगी सपा के पास, जानें नेताजी के बंगले का कितना था किराया?

Mulayam Singh Yadav Bungalow: मुरादाबाद जिला प्रशासन ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। यह फैसला समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके मुलायम सिंह यादव से जुड़ा है। दरअसल, मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके में उन्हें जो सरकारी कोठी 1994 में आवंटित की गई थी, उसका आवंटन अब रद्द कर दिया गया है। प्रशासन ने यह कार्रवाई उनके निधन के लगभग तीन साल बाद की है।

मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद भी यह कोठी समाजवादी पार्टी की जिला इकाई के कब्जे में थी और वहां पार्टी का जिला कार्यालय संचालित हो रहा था। लेकिन अब जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए साफ कर दिया है कि यह सरकारी संपत्ति है और इसे जल्द खाली किया जाना चाहिए।

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इसके लिए सपा की स्थानीय इकाई को नोटिस जारी कर 30 दिनों का समय दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि अब इस जमीन का इस्तेमाल जनहित से जुड़ी सरकारी योजनाओं और ज़रूरतों के लिए किया जाएगा।

मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद रद्द हुआ आवंटन

मुरादाबाद के सिविल लाइन्स क्षेत्र में स्थित यह कोठी लगभग 1,000 वर्ग मीटर में फैली हुई है और शहर के सबसे प्रमुख इलाकों में से एक मानी जाती है। इस कोठी का आवंटन वर्ष 1994 में मुलायम सिंह यादव को उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान किया गया था। आवंटन के समय इसका किराया महज 250 रुपये प्रति माह तय किया गया था, जो आज भी उसी दर पर चल रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी विचारधारा के प्रबल समर्थक रहे मुलायम सिंह यादव का निधन 10 अक्टूबर 2022 को हुआ था। उनके निधन के बाद इस कोठी के आवंटन को वैध बनाए रखने के लिए कोई भी नामांतरण प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और न ही किसी प्रकार की आधिकारिक मंजूरी ली गई। इस आधार पर जिला प्रशासन ने अब कोठी का आवंटन रद्द करने का निर्णय लिया है।

प्रशासन का तर्क: सरकारी संपत्ति का पुनः मूल्यांकन जरूरी

जिला प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय केवल इस कोठी तक सीमित नहीं है, बल्कि एक वृहद सरकारी मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य संपत्तियों की समीक्षा और पुनर्मूल्यांकन किया जा रहा है। प्रशासन की मंशा है कि ऐसी संपत्तियों का उपयोग जनहित में किया जाए - जैसे कि सरकारी अधिकारियों के आवास, सार्वजनिक कार्यालय या अन्य सरकारी योजनाओं के लिए।

समाजवादी पार्टी को 30 दिन का समय

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (वित्त) द्वारा समाजवादी पार्टी की जिला इकाई को औपचारिक रूप से नोटिस जारी कर दिया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से 30 दिन की समयसीमा में कोठी खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में उल्लेख है कि पार्टी को बिना किसी विवाद के, तय समय में कोठी प्रशासन को सौंपनी होगी।

कितनी है इस कोठी की वर्तमान कीमत?

सूत्रों के अनुसार, यह कोठी अब करोड़ों रुपये की संपत्ति बन चुकी है। बावजूद इसके, इसका किराया मात्र 250 रुपये प्रति माह के हिसाब से ही लिया जा रहा था। जिला प्रशासन का कहना है कि अब इस जमीन का उपयोग सरकारी योजनाओं और आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जाएगा। यह कदम सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

इस निर्णय के बाद स्थानीय और राज्य स्तरीय राजनीति में भी हलचल देखी जा रही है। हालांकि समाजवादी पार्टी की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस फैसले से असहज है और जल्द ही कोई रुख स्पष्ट कर सकती है।

मुरादाबाद प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अब पुराने राजनीतिक प्रभाव के आधार पर मिली सुविधाओं की पुनः समीक्षा की जा रही है। आने वाले समय में ऐसे और भी फैसले लिए जा सकते हैं जो राजनीतिक हस्तियों को आवंटित की गई सरकारी संपत्तियों पर असर डाल सकते हैं।

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