मुर्गे का मृत्युभोज : मालिक ने मुर्गे की आत्मा की शांति के लिए की तेहरवीं, 500 लोगों को करवाया भोजन
प्रतापगढ़, 21 जुलाई। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के फतनुपर पुलिस थाना इलाके के गांव बेहदौल कला में अजीब मामला सामने आया है। यहां पर मुर्गे का मृत्युभोज किया गया है, जिसमें 500 लोगों को भोजन करवाया। मालिक ने अपने मुर्गे की आत्मा की शांति के लिए यह कदम उठाया।

बता दें कि प्रतापगढ़ जिले के बेहदौल कला गांव निवासी डॉ. शालिकराम सरोज ने अपने घर पर एक मुर्गा व बकरी पाल रखी थी। मुर्गे का नाम लाली रखा हुआ था। हर कोई उससे खूब स्नेह रखता था।
8 जुलाई को हुआ यह कि डॉक्टर की बकरी के बच्चे पर कुत्ते ने हमला कर दिया था। बकरी के बच्चे को बचाने के लिए लाली मुर्गा कुत्ते से भिड़ गया, लेकिन वह खुद अपनी जान नहीं बचा पाया। मुर्गे द्वारा बकरी के बच्चे को कुत्ते से बचाने की पूरे गांव में चर्चा रही।
मुर्गे की मौत बाद मालिक ने ग्रामीणों के सामने मंशा जताई कि वे धार्मिक रीतिरिवाज के मुताबिक मुर्गे को अंतिम विदाई देना चाहते थे। मनुष्य की तरह अंतिम संस्कार के कर्मकांड करेंगे। फिर उन्होंने मुर्गे के शव को दफनाया और सिर मुंडाने से लेकर अन्य कर्मकांड पूरे किए। बुधवार को तेरहवीं का आयोजन किया, जिसमें पांच लोगों को भोजन करवाया।
डॉक्टर की बेटी अनुजा सरोज कहती हैं कि वे लाली मुर्गे को अपना भाई मानती थी। उसकी मौत होने के बाद 2 दिन तक घर मे खाना नही बना। वो मुर्गे को रक्षाबंधन पर राखी बांधती थीं।












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