दो मासूमों संग जिंदा जल गई मां, टीवी से लगी आग या खुदकुशी!
मिर्जापुर। यूपी के मिर्जापुर में देहात कोतवाली के कोल्हड़ गांव में रविवार की दोपहर में संदिग्ध परिस्थिति में लगी। आग से कमरे के अंदर विवाहिता के साथ उसके दो बच्चों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। विवाहिता के खाना खाकर कमरे में बच्चों के साथ टीवी देखते समय सो जाने के दौरान घटना हुई। जब तक तीनों की नींद खुली वह विकराल रूप धारण कर चुकी आग की लपटों में घिर चुके थे। मरने वालों में एक तीन माह की बच्ची भी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से पूरे गांव में कोहराम मचा रहा। पुलिस आग लगने की वजह शार्ट सर्किट को मान रही है।

खपरैल के मकान में टीवी देखते सो गयी
गांव का 35 वर्षीय रामसहाय बिंद मजदूर है। वह अपने तीन भाईयों के साथ सुबह मिर्जापुर शहर में घंटा घर के पास दुर्गा देवी मोहल्ले में मजदूरी करने के लिए गया था। उसकी पत्नी 32 वर्षीय शीला, 03 वर्षीय बेटा अाजाद और तीन माह की बेटी के साथ घर पर थी। दोपहर में एक बजे खाना खाने के बाद बच्चों को साथ लेकर शीला खपरैल के मकान के अंदर वाले कमरे में सोने चली गई। कमरा अंदर से बंद करके शीला टीवी चालू करके देखने लगी। दोपहर में डेढ बजे के करीब कमरे में आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कमरे से उठती आग की लपटों से बाहर के लोगों ने शोर मचाने के साथ दरवाजा खुलवाने की कोशिश की लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आयी।
पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया
लोगों ने घर के पीछे का खपरैल और दीवार काटकर अंदर प्रवेश किया। देखा तो मां और दोनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। सूचना पर रामसहाय और उसके परिवार के बाकी सदस्य भी पहुंच गए। देहात कोतवाल संजय राय ने मौके पर पहुंच कर शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि शार्ट सर्किट से आग लगी है। लेकिन घटना स्थल और मौके पर जुटे लोगों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा रही।

कमरे के हालत उलझा रहे मामला, हादसा या फिर आत्महत्या
देहात कोतवाली क्षेत्र के कोल्हड़ गांव में हुए हादसे में मां व उसके दो बच्चों की हुयी मौत मामले में आग लगने वाले कमरे के जो हालात है, वह मामला उलझा रहे है कि यह हादसा है या फिर आत्महत्या। खपरैल के मकान में आग से झुलस कर शीला और उसकी पुत्री तीन वर्ष पुत्र आजाद व तीन माह की पुत्री की मौत हो गयी। परिजनों ने बताया कि शीला टीवी चालू कर बच्चों को लेकर सो गयी थी, तभी टीवी के पास शार्ट सर्किट हुआ। इसी से कमरे में आग लगी और तीनो की आग की चपेट में आने से मौत हो गयी। कमरे के हालात पर गौर करे तो वो कुछ और कहानी बयां कर रही है। टीवी के पास शार्ट सर्किट होने से आग लगने की बात कही जा रही है, पर एक ड्रम के ऊपर बिछाये गए बोरे के ऊपर टीवी रखा है, अगर यहां पर शार्ट सर्किट से आग लगती तो इसके आस-पास आग से ज्यादा नुकसान होता। बड़ी बात ये कि न तो टीवी पूरी तरह से जली है, न तार और नहीं वह बोरा जला है, जिस पर टीवी रखा है। कमरे में सबसे अधिक आग से नुकसान हुआ है तो वह टीवी के सामने रखी चारपाई और उसके पास-पास का क्षेत्र। जिस पर शीला बच्चो के साथ सोयी थी।

तीनो भाइयों के साथ मजदूरी करने गया था राम सहाय
राम सहाय चार भाइयों में दूसरे नंबर पर है। सबसे बड़ा शिव सहाय उसके बाद राम सहाय, दीनानाथ और रामसकल है। चोरो भाई शहर कोतवाली क्षेत्र के दुर्गा देवी मोहल्ले में प्रकाश के मकान का निर्माण कर रहे थे। सुबह चारो भाई खाना खाकर घर से साइकिल लेकर निकले थे। दोपहर में शिवसहाय के पुत्र आकाश ने फोन करके पिता को आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलने पर चारो भाई आनन-फानन में घर आये। घर आकर देखा तो आग में राम सहाय की पत्नी और दोनों बच्चों की जलकर मौत हो गयी थी।
दशहरा के दिन निशा की मौत, ननिहाल में होने से बच गयी रानी
रामसहाय की शादी 13 वर्ष पुर्व शहर कोतवाली क्षेत्र बड़ा सखौरा मोहल्ले में शीला से शादी हुयी थी। इसके बाद इन्हें चार बच्चे हुए। इसमें सबसे बड़ी पुत्री रानी, उसके बाद आठ वर्षीय निशा, तीन वर्षीय पुत्र आजाद व तीन माह की पुत्री थी। इसमें निशा की बीमारी के चलते दशहरा के दिन निशा की मौत हो गयी थी। उसके गले में संक्रमण हो गया था। परिवार के लोग उसका गम भुला नहीं पाये थे कि रविवार को यह हादसा हो गया। इसमें शीला और उसके दो बच्चो की जलने से मौत हो गयी, पर बड़ी पुत्री रानी 10 दिन पूर्व बड़ा सखौरा स्थित नाना के घर पर आयी थी, इससे वह हादसे का शिकार होने से बच गयी। वह नानी के घर नहीं हो गयी थी कि तो हो सकता था वह भी हादसे का शिकार हो जाती।
पीछे खपरैल तोड़कर बुझायी गयी आग
जब मड़हे से धुआं उठने लगा तो आस-पास के उसके परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना हुयी। वे दरवाजा खोलने गये तो अंदर से बंद था। इसके बाद पीछे की ओर खपरैल को तोड़कर घर के पीछे हैंडपाइप से पानी डालकर आग को बुझाया। सूचना पर दमकल की गाड़ी पहुंची, तब तक आग बुझ चुकी थी।












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