1.5 लाख के 100-50 के नोट लेकर बैंक पहुंचा व्यापारी, बैंक ने सराहा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में व्यापारी ने नोटबंदी से परेशान लोगों के लिए की अनूठी पहल।

उत्तर प्रदेश। देशभर में बड़े नोटों पर पाबंदी के बाद जहां छोटे नोटों की कालाबाजारी की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक व्यापारी एक लाख पचास हजार के छोटे नोट लेकर बैंक पहुंचा और जमा कर दिया।

वोलक

8 नवंबर को पीएम मोदी के 1000 और 500 के नोट पर बैन की घोषणा के बाद देशभर में कैश की कमी से लोग जूझ रहे हैं। बड़े नोटों पर पाबंदी के बाद 100-50 के नोटों की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

ऐसे में जब लोग पुराने नोट से बड़े नोट बदलने के लिए घंटो में लाइन में लग रहे हैं तब मुरादाबाद के एक व्यापारी ने सबका ध्यान खींचा है।

परेशान लोगों की मदद को उठाया कदम

मुरादाबाद से व्यापारी अवधेश गुप्ता डेढ़ लाख रुपये लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पहुंचे। सभी नोट 100, 50 और 20 और 10 के थे। उन्होंने कहा कि हर किसी को एक-दूसरे के काम आना चाहिए।

अवधेश का कहना है कि ऐसे वक्त में जब लोग छोटे नोट के लिए बेहद परेशान है। यहां तक कि कई जान तक जा चुकी हैं तो मुझे लगा कि ये नोट परेशान लोगों के काम आने चाहिएं।

अवधेश के डेढ लाख रुपये नोट बैंक में जमा कराने की एसबीआई के बैंक मैनेजर एस टंडन ने भी तारी की है। उन्होंने कहा कि अवधेश ने सराहनीय कदम उठाया है। जिस तरह से छोटे नोटों के लिए लोग परेशान हैं उसे देखते हुए इस वक्त उनकी इस रकम का बहुत महत्व है।

पीएम ने 8 नवंबर की शाम की थी घोषणा

आपको बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार 500 और 1000 के नोट पर बैन की बात कही थी। राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम ने कहा था कि ब्लैक मनी पर प्रहार करने के लिए 1000 के नोट बंद होंगे जबकि 500 के नोट बदले जाएंगे।

पीएम ने 1000 और 500 रुपये के मौजूदा करंसी नोटों को 8 नवंबर की रात 12 बजे से बंद करने का ऐलान किया। पीएम मोदी ने कहा था कि 500 और 1000 रुपये के करैंसी नोट कानूनी रूप से मान्य नहीं रहेंगे।

पीएम मोदी ने इस बैन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि हम जाली नोटों और करप्शन के खिलाफ जो जंग लड़ रहे हैं, इससे उस लड़ाई को ताकत मिलेगी।

जनता को परेशानी, विपक्षी दल कर रहे विरोध

पीएम मोदी के फैसले पर विपक्ष दल कड़ा एतराज जता रहे हैं। अखिलेश यादव फैसले का विरोध कर चुके हैं, तो वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी फैसले को जनता पर मार कह चुके हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसे एक खराब फैसला बता रहे हैं। दोनों फैसले के खिलाफ सड़क पर हैं।

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इस फैसले की कड़ी आलोचना कर चुके हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने 500 और 1000 के नोट को आर्थिक आपातकाल कहा है।

नोटबंदी के बाद पिछले दस दिन से जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देशभर से जो खबरों के मुताबिक, 40 से ज्यादा मौतें नोटबंदी की वजह से हो चुकी हैं।

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