18 बंदरों से ऐसी दरिंदगी क्या अवैध बूचड़खाने वाले कर गए?
सभी बंदरों के हाथ-पैर बंधे हुए थे और वे बोरी में बंद थे। इस दरिंदगी को देखकर इलाके के लोगों का शक अवैध बूचड़खाना चलानेवालों पर है।
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के सिरसिया क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक बाग में पड़े नौ बोरियों से 18 बंदर बरामद हुए। घटना की जानकारी ग्रामीणों को तब हुई जब बाग में पड़ी बोरियों को कुत्ते नोंच रहे थे। कुत्तों को बोरियां नोंचते देख जब ग्रामीणों ने पड़ताल की तो कुल 9 बोरियों से 18 बंद बंदर बरामद हुए। इनमें तीन की मौत हो चुकी थी जबकि बाकी बंदर जीवित थे। सभी बंदरों के हाथ और पैर रस्सी से बंधे हुए थे।

पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना आनन-फानन में स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच-पड़ताल कर मृतक बंदरों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया जबकि जीवित बंदरों को पास के ही जंगल में छोड़ दिया गया। पूरे मामले पर ग्राम प्रधान की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की शुरू कर दी है।

9 बोरियों में बंद 18 बंदर
मामला कोतवाली देहात के ग्राम सिरसिया के निकट गोपालपुर बाग का है जहां एक बड़े गड्ढे में 9 बोरियां पड़ी हुई थी। उसी रास्ते ग्रामीण खेतों पर जा रहे थे और बाग़ में पड़ी बोरियों को आवारा कुत्ते नोंच रहे थे। ग्रामीणों ने बोरियों के करीब जाकर एक बोरी खोली तो उसमें से बंदर बरामद हुए। इसके फौरन बाद ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान को इसकी सूचना रामअवतार को सूचना दी। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान राम अवतार ने पुलिस प्रशासन को बंदरों के बरामदगी की सूचना देकर मौके पर बुलाया।

3 बंदरों की हो चुकी थी मौत
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरियों में बंद 18 बंदरो को बरामद किया जिसमें तीन की मौत हो चुकी थी। जबकि बाकी के बंदरों को पुलिस ने जंगल में छोड़ दिया। मृतक तीन बंदरों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वही ग्राम प्रधान राम अवतार की तहरीर पुलिस ने अज्ञात शिकारियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने कहा दोषियों को करेंगे गिरफ्तार
पूरे मामले पर जानकारी देते हुए कोतवाली देहात प्रभारी आर राजकुमार यादव ने बताया कि बंदरों के बरामदगी की सूचना मिली थी। मौके पर जाकर आवश्यक जांच पड़ताल की गई है। फिलहाल अज्ञात शिकारियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। जल्दी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अवैध बूचड़खानों पर लोगों का शक
इस बात की खासी चर्चा लोगों में चल रही है जिस तरह बड़े मीट व्यवसायी सार्वजनिक तौर पर कह रहे हैं कि तमाम ऐसे बूचड़खाने हैं जहां कुत्ते और बंदरों के मांस भी सप्लाई कर दिए जाते थे तो ऐसे में कयास यह भी लगाया जाता है कि बूचड़खानों के बंद होने से हैरान परेशान अवैध बूचड़खाना संचालकों ने इन बंदरों को इस तरह यहां लाकर फेंक दिया और फरार हो गए हैं। फिलहाल मामले में पुलिस की जाँच चल रही है।












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