मोदी-योगी की जोड़ी ने UP को बनाया Uttar Pradesh Expressway State,जानिए कैसे
लखनऊ, 11 जुलाई : उत्तर प्रदेश को कभी बीमारू राज्य में गिना जाता था लेकिन जब से यूपी में डबल इंजन की सरकार आई है तब से यूपी की दशा और दिशा दोनों बदल रही है। जो राज्य कभी बुनियादी सुविधाओं को लेकर दोयम दर्जे का स्टेट जाना जाता था वह योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बहुत तेजी से बदल रहा है। सीएम पद का कार्यभार संभालने के बाद से योगी ने जिन सभी चीजों को प्राथमिकता दी थी, उनमें एक्सप्रसे वे नेटवर्क सबसे उपर है। एक तरफ जहां योगी-मोदी की डबल इंजन की सरकार की वजह से ही यह संभव हो पाया है। डबल इंजन की सरकार यूपी में आने के बाद यूपी देश का ग्रोथ इंजन बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मोदी-योगी की डबल इंजन सरकार का यूपी को फायदा
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की पिछली सरकार के दौरान भी केंद्र में मोदी की सरकार थी। केंद्र में मोदी और राज्य में योगी की सरकार ने मिलकर यूपी में कई बड़े ऐतिहासिक काम किए। दोनों मिलकर यूपी के परसेप्शन को बदलने में कामयाब रहे। हाल ही में जब लखनऊ में इन्वेस्टर समिट हुई थी तब पीएम मोदी ने कहा था कि यूपी में देश का ग्रोथ इंजन बनने की क्षमता है। यूपी संभावनाओं से भरा प्रदेश है। यह देश को काफी आगे ले जा सकता है। उसी के अनुरूप अब योगी सरकार भी अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रही है।

चुनाव से पहले मोदी ने किया था पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 जुलाई को उत्तर प्रदेश में 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEDA) द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ, उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क 1,225 किमी तक पहुंच जाएगा। कोविड -19 प्रेरित प्रतिबंधों की दो लहरों और 2021 में एक भीषण बारिश के मौसम के बावजूद, उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की नींव रखने के बाद से 29 महीने के भीतर पूरा कर लिया है।

29 फरवरी 2020 को रखी थी बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे की आधार शिला
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में पांच एक्सप्रेस वे हैं। यमुना एक्सप्रेस वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार पदभार संभालने के कुछ महीने बाद अप्रैल 2017 में प्रस्तावित किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 फरवरी 2020 को एक्सप्रेस-वे के निर्माण की आधारशिला रखी थी। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर इटावा जिले के गांव कुदरैल से शुरू होता है और चित्रकूट जिले में भरतकूप के पास समाप्त होता है।

बुंदेलखंड के जिलों के विकास का दावा
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बुंदेलखंड क्षेत्र में विशेष रूप से चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर और जालौन जैसे कम विकसित जिलों में विकास में तेजी लाने के लिए इस एक्सप्रेसवे को लिया है। यह एक्सप्रेसवे छह लेन चौड़ा संरचनाओं के साथ चार लेन (छह लेन तक विस्तार योग्य) होगा और बागान, केन, श्यामा, चंदावल, बिरमा, यमुना, बेतवा और सेंगर नदियों से होकर गुजरता है। अब सरकार का दावा है कि जल्द ही एक्सप्रेस वे के किनारे उद्योग विकासित किए जाएंगे जिससे स्थानीय कामगारों को रोजगार मिल सकेगा। इससे पहले उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले योगी की सरकार ने पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का भव्य उद्घाटन किया था।

13 एक्सप्रेस वाला देश का पहला राज्य यूपी
उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क की नींव अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बदौलत है। राज्य में जल्द ही दुनिया भर के कई अन्य देशों से बेहतर राजमार्ग संपर्क होगा। राज्य में अब 13 एक्सप्रेसवे हैं, जो ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। कुल 3200 किमी के 13 एक्सप्रेसवे में से छह उपयोग में हैं जबकि अन्य सात निर्माणाधीन हैं।












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