वाराणसी: थाने के पीछे व्यापारी की गोली मारकर हत्या, पुलिस के हाथ पांव फूले

वाराणसी। बनारस के चौक थाना क्षेत्र के राजादरवाजा इलाके में बदमाशों ने एक व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली की आवाज से बाजार में हड़कंप मच गया और सभी व्यापारी दुकान बंद कर भाग गए। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने व्यापारी, मोहन निगम (53) को अस्पताल ले जहां डॉक्टरों ने मोहन को मृत घोषित कर दिया। बदमाशों ने इस घटना को पुलिस स्टेशन के ठीक पीछे अंजाम दिया जिससे पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस हत्यारों की तलाश में जुट गई है।

रंगदारी का चल रहा था पुराना विवाद

रंगदारी का चल रहा था पुराना विवाद

दरसअल जिस समय बदमाशों ने अपने मंसूबो को अंजाम दिया उस वक्त बिजली नहीं थी। व्यापारी, मोहन निगम का नौकर किसी काम से बाहर गया हुआ था। मोहन निगम अपनी दुकान में बैठे थे इसी बीच 2-3 की संख्या में पहुंचे बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी और बगल की गली से फरार हो गए। बदमाशों ने पूर्व में उनके साले सुनील पर भी गोली चलाई थी जो पेशे से बिल्डर हैं। माना ये जा रहा हैं की उस वक्त बदमाशों ने सुनील से 10 लाख रूपये की रंगदारी की डिमांड की थी तब मोहन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत की थी और यही शिकायत मोहन निगम के लिए जानलेवा साबित हुआ और बदमाशों ने सोमवार को मौका देखकर उनकी हत्या कर दी।

क्या कहती हैं पुलिस

क्या कहती हैं पुलिस

जहां ये घटना हुई वो चौक थाने के ठीक पीछे का इलाका हैं। व्यापारी को गोली मारे जाने की खबर ने पुरे प्रशासनिक अमले हो झकझोर कर रख दिया। खुद आईजी वाराणसी रेंज दीपक रतन और सीओ चेतगंज सत्येंद्र तिवारी अस्पताल पहुंच गए और मृतक के परिजनों से बात कर बदमाशों को शिनाख्त के लिए निर्देश दिया। वही घटना के तुरंत बाद सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी, सीओ कोतवाली एपी सिंह और इंस्पेक्टर चौक घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मोहन के बेटे गौरव और साले सुनील ने बताया है कि संपत्ति बंटवारे को लेकर मोहन और उनके भाई के बीच विवाद था। इसे लेकर कई बार पंचायत भी हुई थी। रंगदारी से भी जुड़ा एक पहलू है। तीन टीमें लगाई गई हैं और क्षेत्र के पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

ध्वस्त मिली एम्बुलेंस सेवा

ध्वस्त मिली एम्बुलेंस सेवा

इस हत्याकांड ने एक बार फिर बनारस के चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया हैं क्योकि इस घटना के ठीक एक दिन पहले यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ वाराणसी में थे। सरकारी आला अफसरों ने उन्हें वो काशी दिखाई जहां सभी कुछ सुसज्जित था पर वहीं व्यापारी को गोली मारे जाने के बाद जब उन्हें निजी चिकित्सालय ले जाने को मंडलीय चिकित्सालय से कहा गया तो अस्पलात में खड़ी एम्बुलेंस महज शो पीस की भूमिका में नजर आई। मृतक को ई-रिक्शे से अस्पताल ले जाया गया। वहीं इस हत्याकांड के विरोध में आज मार्केट के व्यापारियों ने बंदी कर अपना विरोध भी जताया।

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