Bihar Panchayat Chunav: बिहार में क्यों टले पंचायत चुनाव, मौजूदा मुखिया-सरपंचों की पावर रहेगी या जाएगी?
Bihar Panchayat Chunav: बिहार में इस साल होने वाले पंचायत चुनाव अब नहीं होंगे। राज्य सरकार ने पंचायत चुनाव करीब एक साल के लिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है। अब चुनाव जुलाई-अगस्त 2027 में होने की संभावना है। चुनाव टालने की सबसे बड़ी वजह पंचायतों का नया परिसीमन है।
सरकार पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की सीमाएं 2011 की जनगणना के आधार पर नए सिरे से तय करेगी। इसके साथ ही पिछड़े वर्गों के आरक्षण पर भी नई व्यवस्था लागू होगी। सरकार का कहना है कि इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही चुनाव कराना संभव होगा।

Bihar Panchayat Election Postponed: क्यों टले बिहार पंचायत चुनाव?
बिहार में पंचायत चुनाव तय समय पर कराने की तैयारी थी, लेकिन सरकार ने अब इसे अगले साल कराने का फैसला किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह पंचायतों का नया परिसीमन है। सरकार चाहती है कि हर पंचायत की सीमा आबादी के हिसाब से तय हो, ताकि सभी इलाकों को बराबर प्रतिनिधित्व मिल सके। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि तकनीकी प्रक्रियाओं में समय लगने के कारण चुनाव टालना पड़ा है। सरकार का दावा है कि यह फैसला बेहतर और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए लिया गया है।
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Panchayat Election Bihar 2027: 36 साल बाद बदलेगी पंचायतों की सीमा
बिहार में पिछले करीब 36 साल से पंचायतों का परिसीमन नहीं हुआ है। इस दौरान कई गांवों की आबादी काफी बढ़ गई, जबकि कुछ जगहों की स्थिति बदल गई है। ऐसे में सरकार अब 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की सीमाएं तय करेगी। इससे आबादी के हिसाब से सीटों का बंटवारा बेहतर होगा। सरकार का मानना है कि नए परिसीमन से सभी क्षेत्रों को बराबरी का मौका मिलेगा और पंचायत व्यवस्था पहले से ज्यादा संतुलित बनेगी।
कब शुरू होगी प्रक्रिया, कब होंगे चुनाव?
रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2026 से परिसीमन का काम शुरू होगा। यह प्रक्रिया अप्रैल 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद पिछड़े वर्गों के आरक्षण पर डेडिकेटेड कमीशन अपनी रिपोर्ट देगा। इस रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में करीब दो से तीन महीने और लग सकते हैं। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग चुनाव की तारीख घोषित करेगा। ऐसे में पंचायत चुनाव जुलाई या अगस्त 2027 में कराए जाने की संभावना है।
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चुनाव टले, लेकिन पंचायत का काम नहीं रुकेगा
चुनाव आगे बढ़ने का असर पंचायतों के रोजमर्रा के काम पर नहीं पड़ेगा। मौजूदा मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य अगले 9 से 10 महीने तक अपने पद पर बने रह सकते हैं। वे पहले की तरह विकास योजनाओं की निगरानी करेंगे और लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे। सरकार का कहना है कि नई पंचायत बनने तक प्रशासनिक व्यवस्था पहले की तरह चलती रहेगी, ताकि किसी भी विकास कार्य पर असर न पड़े।
2021 में भी टले थे पंचायत चुनाव
यह पहली बार नहीं है जब बिहार में पंचायत चुनाव आगे बढ़े हैं। इससे पहले 2021 में कोरोना महामारी के कारण चुनाव समय पर नहीं हो पाए थे। उस समय भी सरकार ने पंचायतों के कामकाज को जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की थी। इस बार वजह महामारी नहीं बल्कि परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया है। अब नई पंचायत सरकार बनने के लिए लोगों को अगले साल तक इंतजार करना होगा। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से पंचायत चुनाव और ज्यादा पारदर्शी और संतुलित होंगे।












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