मिर्जापुर स्टेशन पर कांवड़ियों ने CRPF जवान को पीटा, मदद मांगता रहा जवान, लोग Video बनाते रहे
Mirzapur Kanwariyas attack CRPF: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने ना सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि इंसानियत पर भी सवाल खड़े कर दिए। कांवड़ यात्रा पर निकले कुछ युवकों ने खुलेआम एक CRPF जवान के साथ मारपीट की, और दर्जनों की भीड़ चुपचाप तमाशबीन बनी रही कुछ वीडियो बनाते रहे, पर कोई आगे नहीं आया।
यह घटना उस वक्त हुई जब जवान ट्रेन पकड़ने के लिए टिकट ले रहा था। छोटी-सी कहासुनी अचानक हिंसक हमले में बदल गई, और भीड़ ने जवान को रेलवे स्टेशन के फर्श पर पटक कर पीटा। जवान मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन ज़िम्मेदारी और संवेदनशीलता, दोनों नदारद दिखे।

जवान बार-बार मदद के लिए चिल्लाता रहा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जवान और कुछ कांवड़ियों के बीच मामूली कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठी। स्थिति बिगड़ते ही कांवड़ियों की भीड़ ने जवान को घेर लिया और उसे रेलवे स्टेशन के फर्श पर गिराकर बेरहमी से लात-घूंसे और थप्पड़ों से पीटना शुरू कर दिया। जवान बार-बार मदद के लिए चिल्लाता रहा, लेकिन वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे। कुछ ने तो वीडियो बनाना ज्यादा जरूरी समझा, पर किसी ने भीड़ को रोकने की कोशिश नहीं की।
5 से 7 आरोपियों को हिरासत में लिया
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने 5 से 7 आरोपियों को हिरासत में लिया, जिनके खिलाफ सरकारी कर्मचारी पर हमला, अभद्र व्यवहार और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसी धाराओं में FIR दर्ज की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें Kawad Yatra 2025: बुग्गी में गंगाजल और दिल में शिवभक्ति, रुतवा गुर्जर की आस्था की हर ओर हो रही चर्चा
कांवड़ यात्रा बनी कानून व्यवस्था के लिए चुनौती
उत्तर प्रदेश में इन दिनों कांवड़ यात्रा के नाम पर उग्रता, अराजकता और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। यह यात्रा, जो पारंपरिक रूप से आध्यात्मिकता, संयम और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है, अब कुछ असामाजिक तत्वों के कारण विवाद और हिंसा का माध्यम बनती जा रही है।
चिंता की बात यह है कि अब ये घटनाएं केवल आम लोगों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि सुरक्षाकर्मियों तक को निशाना बनाया जा रहा है। सड़कों पर नियमों की अनदेखी, सार्वजनिक स्थलों पर हंगामा, और छोटी-छोटी बातों पर हिंसक प्रतिक्रिया देना - ये सब उस पवित्र परंपरा को कलंकित कर रहे हैं, जो कभी सामाजिक एकता का प्रतीक हुआ करती थी।
ये भी पढ़ें Amarnath Yatra: जहां तीर्थयात्रियों की सांसें डगमगाईं, वहां थामा हाथ, अमरनाथ यात्रा में देवदूत बने BSF जवान












Click it and Unblock the Notifications