UP चुनाव में हुई गलतियों से सबक लेंगी मायावती, जानिए भतीजे आकाश को क्यों सौंपा यह बड़ा काम
लखनऊ, 7 अप्रैल: उत्तर प्रदेश में यूं तो विधानसभा चुनाव समाप्त हो गया है लेकिन अभी भी राजनीतिक गलियारों में गरमाहट बनी हुई है। चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को निराशा हाथ लगी क्योंकि उनकी पार्टी बसपा केवल एक सीट जीतने में सफल रही। हालांकि मायावती ने चुनाव के दौरान हुई गलतियों से सबक लेने की कवायद शुरू कर दी है। बसपा के सूत्रों की माने तो पार्टी के नेताओं का मानना है कि पार्टी से टूटकर जो नेता समाजवादी पार्टी में गए हैं, मायावती उनको वापस लाने का प्रयास कर रही हैं। मायावती ने भतीजे आकाश को पुराने नेताओं से मिलने और मनाने का काम सौंपा है। इसके साथ ही वह मुस्लिम-दलित वह ब्राम्हण गठजोड़ को भी मजबूत करने की दिशा में काम कर रही हैं। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मायावती मुस्लिम वोटरों को अपनी तरफ लाना चाहती हैं इसीलिए भी वो भाजपा के बजाय सपा को टारगेट कर रही हैं। मायावती अपने बयानों और पार्टी बैठकों में भी ये बात मुखर होकर बोल रही हैं कि ब्राम्हण दलित व मुस्लिम बसपा के साथ ही सुरक्षित हैं।

क्या पार्टी का चेहरा बदलने का समय आ गया है
दरअसल राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस समय बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की जिस चीज की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है इसकी 'यंग ब्रिगेड'। आकाश आनंद और कपिल मिश्रा इस 'यंग ब्रिगेड' के चेहरे हैं। इन दोनों चेहरों की सक्रियता भविष्य में बड़े बदलाव का संकेत भी मानी जा रही है। दोनों चेहरे इस मायने में महत्वपूर्ण हैं कि आकाश आनंद जहां बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे हैं, वहीं कपिल मिश्रा बसपा में मायावती के बाद दूसरे नंबर पर माने जाने वाले सतीश मिश्रा के बेटे हैं।

नई जिम्मेदारियों का नया आसमान
मायावती ने अपने भतीजे आकश आनंद को राष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन इस चुनाव में उनकी भूमिका खास नहीं रही। बस उन्हें युवाओं को पार्टी से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे आकाश आनंद ने लंदन से एमबीए किया है। वह 2017 से मायावती के साथ नजर आ रहे हैं लेकिन अब वह अलग से बैठक कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली बसपा के राष्ट्रीय कार्यालय में युवाओं के साथ बैठक की थी। इसके अलावा वह राष्ट्रीय समन्वयक होने के नाते अन्य प्रांतों में भी बैठकें कर रहे हैं।

यूपी चुनाव में भी एक्टिव थे आकाश आनंद
बसपा 2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के लिए जोर-शोर से तैयारी कर रही है। ब्राह्मण सम्मेलनों के साथ-साथ सभी जातियों के नेताओं को भी सभाओं के लिए अलग-अलग मैदान में उतारा गया था। वे विधान सभा स्तर पर सम्मेलन कर रहे थे। देशभर में सभाएं कर रहे आकाश आनंद को यूपी के चुनाव में भी युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। यहां उन्होंने कई युवा सम्मेलन में भाग लिया था। पार्टी ने सम्मेलनों का कार्यक्रम तैयार किया था। इसके अलावा वह मायावती और पार्टी के अन्य बड़े नेताओं के साथ कई बैठकों में भी शामिल हो रहे थे।

बसपा के मूवमेंट को आगे बढ़ा रहे हैं आकाश
आकाश आनंद सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहते हैं। उन्होंने दिल्ली में जैसे ही युवाओं के साथ बैठक की, उन्होंने ट्वीट किया, 'भविष्य की योजनाओं के बारे में बसपा के कुछ समर्पित युवा साथियों से बात की. महंगाई, रोजगार, समानता और सुरक्षा के मुद्दे पर देश भर के युवा मित्रों के साथ बातचीत शुरू हो गई है। मान्यवर कांशीराम जी के विचार और आदरणीय मायावती जी के शासन की उपलब्धियों से लोगों को अवगत कराना है। जनता की धारणा यह भी है कि आकाश मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी होंगे लेकिन यह तो समय बताएगा कि मायावती इसके लिए किसका नाम आगे करेंगी।
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