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एससी-एसटी एक्ट पर खुली मायावती की पोल, यूपी में सरकार में रहते कहा था कुछ ऐसा

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    Mayawati की खुल गई पोल, कभी किया था SC-ST Act का विरोध | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती आज भले ही एससी-एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित आंदोलन के समर्थन कर रही हों। लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर मायावती ने अपने शासन के दौरान न सिर्फ इस एक्ट को संशोधित किया था, बल्कि इस कानून को हल्का भी किया गया था। जब मायावती यूपी की सीएम थीं तब उनकी सरकार ने ऐसे ही दो आदेश जारी किए थे जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के दुरुपयोग को रोकने के लिए थे। सबसे अहम बात यह है कि यही संशोधित कानून उत्तर प्रदेश में आज भी लागू है।

     2007 का शासनादेश सोशल साइट्स पर हुआ वायरल

    2007 का शासनादेश सोशल साइट्स पर हुआ वायरल

    मंगलवार को 2007 का शासनादेश सोशल साइट्स पर वायरल हो गया। आज भाजपा भले ही इस मुद्दे पर बसपा पर कटाक्ष कर रही हों लेकिन, 2007 में उन्होंने इस शासनादेश का स्वागत किया था। आपको बता दें कि तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा जारी ये आदेश इस बात पर केंद्रित थे कि एक्ट के तहत केवल शिकायत के आधार पर कार्रवाई न हो बल्कि प्राथमिक जांच में आरोपी के प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने पर ही गिरफ्तारी हो।

    ये हुए थे एक्ट में अहम बदलाव

    ये हुए थे एक्ट में अहम बदलाव

    20 मई 2007 को तत्कालीन मुख्य सचिव शंभु नाथ की तरफ से जारी किए गए पत्र में इस एक्ट के तहत पुलिस से दर्ज की जाने वाली शिकायतों का जिक्र था। यह निर्देश मायावती के चौथी बार सीएम बनने के महज एक हफ्ते के भीतर ही जारी हुआ था। इस निर्देश में साफ किया गया था कि केवल हत्या और रेप जैसी जघन्य वारदात ही इस एक्ट के तहत दर्ज होनी चाहिए। तत्कालीन मुख्य सचिव ने एक सरकारी आदेश निकालकर अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में कुछ बड़े बदलाव किए थे, जिसके तहत हत्या और बलात्कार जैसे मामलों में इस एक्ट को लगाने से पहले एसपी या एसएसपी को अपनी विवेचना करनी होती है।

    बीजेपी बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर हुई हमलावर

    बीजेपी बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर हुई हमलावर

    उस सरकारी आदेश में साफ-साफ लिखा था कि किसी भी निर्दोष को इस एक्ट के तहत न तो परेशान किया जाना चाहिए और न ही फंसाया जाना चाहिए और अगर कोई ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ धारा 182 के तहत कार्रवाई होगी। मायावती का यह आदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में संशोधन के तौर पर माना जाता है, जिसके तहत निर्दोष लोगों को फंसाने की गुंजाइश कम हो जाती है। मायावती के इस आदेश की कॉपी के सामने आने के बाद से बीजेपी बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर हमलावर हो गई है। भाजपा का आरोप है कि उन्होंने ही इस एक्ट को कमजोर किया है।

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    English summary
    Mayawati's government had issued at least two orders SC/ST Act was being misused
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