अखिलेश से गठबंधन हुआ तो यूपी की किस सीट से चुनाव लड़ेंगी मायावती?
पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह को पुनर्जीवित करने के लिए 2019 के लोकसभा चुनाव काफी अहम हैं, इसीलिए मायावती यूपी की अंबेडकरनगर सीट से खुद चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।
नई दिल्ली। यूपी की गोरखपुर और फूलपुर सीट पर सपा-बसपा की जोड़ी का कमाल दिखने के बाद राज्यसभा चुनाव में भले ही BSP के उम्मीदवार को शिकस्त का मुंह देखना पड़ा हो, लेकिन मायावती ने साफ कर दिया है कि 2019 का लोकसभा चुनाव वो अखिलेश यादव के साथ मिलकर ही लड़ेंगी। माना जा रहा है कि सोमवार को लखनऊ में प्रदेश भर के जोन कॉर्डिनेटर की बैठक के बाद लोकसभा चुनावों को लेकर मायावती कोई बड़ा ऐलान भी कर सकती हैं। इस बीच एक सवाल यह भी उठने लगा है कि अखिलेश के साथ गठबंधन में मायावती खुद किस सीट से चुनाव लड़ेंगी?

मायावती ने तय की अपने लिए सीट
राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी की हार के बाद से ही मायावती ने 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी हैं। बसपा से जुड़े एक नेता ने बताया कि सपा-बसपा के गठबंधन में पार्टी सुप्रीमो मायावती यूपी की अंबेडकरनगर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं। बसपा नेता ने बताया कि मायावती अगले साल की शुरूआत से यूपी में चुनाव प्रचार शुरू कर देंगी।

मायावती के लिए क्यों अहम है 2019
बसपा नेता ने जानकारी देते हुए बताया, '2012 के विधानसभा चुनाव, 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं में हताशा का माहौल है। पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह को पुनर्जीवित करने के लिए 2019 के लोकसभा चुनाव काफी अहम हैं, इसीलिए मायावती यूपी की अंबेडकरनगर सीट से खुद चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।'

गठबंधन फाइलन होने के बाद होगा ऐलान
नाम ना छापने की शर्त पर एक अन्य बसपा नेता ने बताया कि सपा के साथ गठबंधन पर अंतिम मुहर लगने के बाद मायावती के अंबेडकरनगर सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की जाएगी। गौरतलब है कि अभी तक के अधिकांश चुनावों में मायावती खुद मैदान में ना उतरकर चुनाव प्रचार की कमान संभालती रही हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मायावती इस बार इस रणनीति को बदलने वाली हैं। इससे पहले मायावती 1998, 1999 और 2004 में लोकसभा सांसद के तौर पर चुनी जा चुकी हैं।

उपचुनाव नहीं, 2019 पर बसपा का फोकस
आपको बता दें कि मायावती ने पिछले शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि राज्यसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी की हार से सपा के साथ उनके गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। गेस्ट हाउस कांड में अखिलेश यादव का बचाव करते हुए मायावती ने यह भी स्पष्ट किया था कि लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों के बजाय उनकी पार्टी 2019 के लोकसभा चुनावों पर फोकस करेगी।












Click it and Unblock the Notifications