शपथ ग्रहण से पहले मऊ सत्र न्यायालय ने योगी आदित्यनाथ को जारी किया नोटिस, जानिए क्या है मामला
मऊ, 23 मार्च: योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ लेने से पहले मऊ जिला एवं सत्र न्यायालय ने योगी आदित्यनाथ को नोटिस जारी किया है। जिस मामला में यह नोटिस जारी हुआ है वो 2018 का है और राजस्थान के अलवर जिले से जुड़ा हुआ है। जिसमें सुनवाई के लिए कोर्ट ने 26 अप्रैल की तारीफ तय की है। हालांकि, इस मामले में उस वकत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/एमपी-एमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने याचिका खारिज कर दिया था।

दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलवर जिले के मालाखेड़ा में 28 नवंबर 2018 को एक सार्वजनिक सभा की थी। इस सार्वजनिक सभा के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 'बजरंगबली ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वयं बनवासी हैं, गिरवासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं।' सीएम योगी के बयान के बाद दोहरीघाट निवासी नवल किशोर शर्मा ने एक परिवाद दाखिल किया था। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उनके बयान से बजरंगबली में आस्था रखने वाले समुदायों की भावना भी आहत हुई है।
उनके इस भाषण से मेरी धार्मिक भावनाओं को ठेस लगी है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति एवं गोरक्षपीठ के महंत हैं। उनका वक्तव्य देश, प्रदेश तथा प्रत्येक धर्म, जाति वर्ग एवं समुदाय के लिए महत्व रखता है। हालाकिं, उस वकत अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ एमपीएमएलए कोर्ट श्वेता चौधरी ने सुनवाई के बाद 11 मार्च को परिवाद खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि घटनास्थल राजस्थान में है। जनपद मऊ में इस न्यायालय को यह परिवाद सुनने का क्षेत्राधिकार नहीं है।
इस आदेश के विरुद्ध नवलकिशोर शर्मा ने मंगलवार को जिला जज की कोर्ट में निगरानी दाखिल किया। एसीजेएम/एमपी एमएलए कोर्ट के आदेश के विरूद्ध जिला जज की कोर्ट में निगरानी दाखिल को स्वीकार कर लिया और इस संबंध में योगी आदित्यनाथ को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई के लिए 26 अप्रैल की तारीख तय की है।












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