तस्वीरें: यूपी के कई शहरों में तूफान ने मचाई भारी तबाही, महिला-बच्चे समेत 7 की मौत
बहराइच में आंधी, तूफान और बारिश ने मिहींपुरवा और नानपारा क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया। तूफान का सबसे अधिक असर मिहींपुरवा के जंगल से सटे क्षेत्रों में दिखा।
बहराइच, हरदोई (यूपी)। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मौसम ने अचानक करवट बदल ली। खास तौर से तराई क्षेत्र में तेज आंधी पानी से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया। सैकड़ों पेड़ उखड़कर गिर गए। कई मकानों पर पेड़ गिरे। मिहींपुरवा और नानपारा में तूफान का अधिक असर दिखा।
बहराइच में तूफान ने बरपाया कहर, 6 लोगों की मौत
मिहींपुरवा, बलहा और सुजौली में मकानों और अन्य स्थानों पर पेड़ गिरने से युवती समेत छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं पेड़, दीवार और ढहे मकान की चपेट में आकर कई लोग घायल हुए हैं। इनमें पांच की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उधर भारी बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति है। बिजली और संचार सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित दिखा।

मौसम ने अचानक बदला रुख
बहराइच में बुधवार को मौसम काफी सुहावना था लेकिन अचानक ही तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ देर में धूल भरी हवाओं ने तूफान का रूप ले लिया। 120 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। लगभग आधे घंटे तक यही दौर जारी रहा। इसके बाद हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। आंधी, तूफान और पानी ने मिहींपुरवा और नानपारा क्षेत्र में जमकर कहर बरपाया। तूफान का सबसे अधिक असर मिहींपुरवा के जंगल से सटे क्षेत्रों में दिखा। सुजौली, कनपुरवा, चफरिया, सुजौली बाजार, आंबा, बर्दिया, मिहींपुरवा, सेमरी मलमला, लालबोझा, नयापुरवा में जगह-जगह पेड़ उखड़ गए। कई पेड़ लोगों के मकानों पर गिरे। जिससे मकान तो तहस-नहस हुए ही घर के अंदर मौजूद लोग भी लहूलुहान हो गए। पल भर में सबकुछ तबाह हो गया।

आंधी और तूफान में कई पेड़ गिरने से ज्यादा नुकसान
आंधी के दौरान मिहींपुरवा के रेलवे स्टेशन के निकट के निवासी अब्बास (48) के मकान पर पेड़ गिर गया। घटना के वक्त अब्बास घर में थे जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी साकरा (45) घायल हुई हैं। उधर कोतवाली मुर्तिहा के सेमरीमलमला में गांव के निकट आंधी के दौरान ढहे पेड़ की चपेट में आकर भुल्लन गुप्ता (60) ने दम तोड़ दिया। नयापुरवा लालबोझा निवासी बनवारी की पुत्री पिंकी (20) और पत्नी राजकुमारी (30) आंधी के दौरान पेड़ से गिरी सूखी लकड़ियां बीनने के लिए पास में कुछ दूरी पर गई थीं। दोनों के ऊपर पेड़ गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सुजौली के बिहारीपुरवा निवासी राजबली (65) के मकान की दीवार ढह गई। चपेट में आकर राजबली ने दम तोड़ दिया। बख्तावर गांव निवासी हसन अली (35) पुत्र शुभान अली गिरे हुए पेड़ की स्थिति देखने गया था। तभी उस पर पेड़ की डाल टूटकर गिर गई। मौके पर ही हसन की भी मौत हो गई।

बहराइच जिले में तूफान का दिखा ज्यादा असर
पुलिस ने शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं मिहींपुरवा, नानपारा, महसी, कैसरगंज, फखरपुर, शिवपुर, नवाबगंज, रुपईडीहा, विशेश्वरगंज क्षेत्र में भी तूफान की चपेट में आकर 128 मकान ढहे हैं। एक विद्यालय भवन क्षतिग्रस्त हुआ। इन मकानों और गिरे पेड़ों की चपेट में आकर 58 लोग जख्मी हुए। इनमें पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मिहींपुरवा निवासी सुमित्रा (25), शेखदहीर निवासी प्रतिमा (40), टेड़वा बसंतपुर निवासी विद्याराम (50), कांती (45) आदि शामिल हैं। इन घायलों की हालत नाजुक होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुजौली और बिछिया में पांच मवेशियों की भी मकान और ढहे पेड़ की चपेट में आकर मौत हुई है। आंधी और भारी वर्षा के चलते शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति रही। ग्रामीण अंचलों में भी जलभराव ने लोगों को बेहाल किया।

इन लोगों का हुआ अधिक नुकसान, घायल भी हुए
मिहींपुरवा और सुजौली में तूफान का असर अधिक रहा। जिसके चलते चहलवा में उत्तम, हरिश्चंद्र, रफीक, हामिद, दाताराम, अंगने, ठाकुर, राजकुमार, राजाराम, बृजमोहन, रामआधार, सुनील यादव, बलराम, मल्ले, बुद्धा, छंगू, कबीर, छोटेलाल, कौशल, साकरुन, अकील, इलियास, इदरीश, आरिफ, विनोद, राजू, जमील, रामचंदर, शारिक, शाहिद, शिवकुमार, शमी, अफसर, अब्दुल्ला, श्रवण कुमार, छंगा, कनपुरवा चफरिया में रामबिलास, द्वारिका, नान्हूं, राजेश, रामप्रताप, संतोषी, बुधई, कामता प्रसाद, सुजौली में अनिल, पवन, शिवबहार, छोटे, अवधगिरि के मकान ढह गए। इनमें कई लोगों के पक्के मकान भी शामिल हैं। चपेट में आकर इन घरों में मौजूद गृहस्वामी समेत अन्य लोग चोटिल हुए। उधर नानपारा के हथियाबोझी में गयाप्रसाद, केशव आदि के टीनशेड उड़ गए। जुबलीगंज में मोलहे, मुजीब, मरियम का मकान ढहा है।

बाल-बाल बचे छात्र, स्कूल भवन क्षतिग्रस्त
प्राथमिक विद्यालय सुजौली की चहारदीवारी तूफान में ढह गई। स्कूल में लगा पेड़ अतिरिक्त कक्ष पर गिरने से स्कूल भवन भी क्षतिग्रस्त हो गया। बच्चे और शिक्षक बाल-बाल बच गए।
नुकसान का किया जा रहा आंकलन, इसके बाद होगी कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी विद्याशंकर सिंह ने कहा है कि बुधवार को पूरे जिले में तूफान का असर रहा है। बड़े पैमाने पर पेड़, मकान ढहने की शिकायतें मिली हैं। लोगों की मौतें भी हुई हैं। क्षेत्रीय राजस्वकर्मियों को निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद उसी के अनुरूप मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।

18 मिलीमीटर बारिश हुई रिकॉर्ड
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि गर्म हवा के दबाव का क्षेत्र बनने के चलते तूफान और भारी वर्षा की स्थिति तराई में बनी। उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान नहीं कहा जा सकता। फिर भी तेज हवाएं चली हैं। गति 100 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटा के आसपास रही। 18 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है।
हसन अली को नहीं मिलेगा दैवीय आपदा का मुआवजा
उपजिलाधिकारी नानपारा एसपी शुक्ला ने बताया कि बख्तावर गांव निवासी हसन अली आंधी में गिरे पेड़ की डाल तोड़ रहा था। उस समय पेड़ से गिरकर उसकी मौत हुई है। ऐसे में उसे दैवीय आपदा कोष से सहायता नहीं मिल सकेगी। अन्य के मामले में रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

हरदोई में आफत की बारिश
उत्तरप्रदेश के हरदोई जिले में ते आंधी-बारिश ने जमकर कहर बरपाया। कोतवाली शहर के रद्देपुरवा रोड पर मकान पर एक भारी भरकम पेड़ गिरने से उसके मलबे में कई लोग दब गए। घटना के बाद गांव के लोग दबे हुए लोगों को को निकालने में जुट गए। सूचना के तुरंत बाद पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीनें राहत और बचाव कार्य में जुट गईं। घटना में 14 वर्षीय बच्चे सोमेश की मौत हो गई है। उसके पिता सहित पांच लोग चोटिल हैं। सभी को ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर डीएम से लेकर पुलिस अफसर राहत कार्य में जुटे रहे। वहीं ज़िले में कई जगह पेड़ और बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं।

मकान पर पेड़ गिरा कई दबे
हादसा हरदोई के रादधेपुरवा गांव का है आंधी पानी से तबाही के गंभीर हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चालू कर दिया गया। गांव के लोग और प्रशासनिक सूझ-बूझ के जरिए जल्दी ही मलबे के अंदर फंसे 5 लोगों को बाहर निकाल कर एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया। जहां एक बच्चे की मौत हो गई जबकि बाकी का इलाज चल रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
{promotion-urls}












Click it and Unblock the Notifications