अजब-गजब: जिंदा रहते किया खुद का तेरहवीं भोज, खुद बनाई समाधि, किया पिंडदान

यूपी के उन्नाव से एक अजीब मामला सामने आया है। यहां पर एक जीवित इंसान ने ना सिर्फ खुद का अंतिम संस्कार कराया बल्कि खुद की तेरहवीं का आयोजन कर डाला। यही नहीं शख्स ने खुद के लिए पहले से समाधि भी बनावा ली है।

उन्नाव के नवाबगंज विकासखंड के केवाना गांव रहने वाले जटाशंकर ने अपने खेतो में एक साल पहले अपनी समाधि तैयार कराई थी। इसके बाद अब मृत्यु के पहले ही अपनी आंखों के सामने कर्मकांड करवा लिया।

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कुछ दिनों पहले जटाशंकर ने अपना पिंडदान करवाया। इसके बाद 15 जून को 59 साल के जटाशंकर ने अपने सभी रिश्तेदार, संबंधियों और व्यवहारियों को तेरहवीं भोज के लिए आमंत्रित कर दिया।

जटाशंकर ने विधि-विधान के साथ तेरहवीं संस्कार पूरा किया। जटाशंकर ने अपनी तेरहवीं में 300 लोगों को निमंत्रण दिया था। इसके अलावा उन्होंने शांति पूजा पाठ करते हुए तुलसी माला, सुंदरकांड, दुर्गा चालीसा, गीता, श्रीराम चरित मानस, चटाई, आसनी, चंदन, जनेऊ आदि सामग्री का दान किया। वहीं गांव में रमायण पाठ भी करवाया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जटाशंकर ने तीन शादियां की हैं। उनकी दो पत्नियां बहुत पहले ही छोड़कर जा चुकी हैं। तीसरी पत्नी मुन्नी देवी के अलावा परिवार में 5 बेटे और 2 बेटियां हैं। उनके किसी भी बच्चे की शादी नहीं हुई है। इस कार्यक्रम में उनके भाई और बहनें भी शामिल हुईं। इस अजीब-गजब कार्यक्रम के पीछे की वजह जटाशंकर का पत्नी और बच्चों के साथ चल रहा विवाद बताया जा रहा है।

जटाशंकर अपने परिवार से अलग खेतों में झोपड़ी डालकर रहता है। इस पूरी घटना पर जटाशंकर ने कहा कि, मेरे मरने के बाद यह गारंटी नहीं है कि कोई (पत्नी और बच्चे) मेरे लिए ये सारे संस्कार करेगा या नहीं। इस कारण मैं अपने जिंदा रहते ही सारे कर्मकांड पूरे कर लेना चाहता हूं ताकि मेरी आत्मा को शांति मिल सके।

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