Mainpuri By-Election 2022: उपचुनाव की विनिंग खिलाड़ी हैं डिपंल यादव,इस बार भी बनेंगी पति अखिलेश की रक्षा-कवच?
Mainpuri By-Election 2022: सपा ने गुरुवार को सस्पेंस पर से पर्दा उठा दिया है, उसने मैनपुरी लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। इस बार सपा की ओर से ये चुनाव पार्टी प्रमुख की पत्नी डिंपल यादव होंगी। पार्टी ने आज इस बारे में ट्वीट किया है कि 'समाजवादी पार्टी द्वारा लोकसभा क्षेत्र मैनपुरी उपचुनाव 2022 हेतु श्रीमती डिंपल यादव पूर्व सांसद को प्रत्याशी घोषित किया गया है।' आपको बता दें कि मैनपुरी लोकसभा सीट सपा समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई है, जिस पर अब उपचुनाव होने जा रहा है।
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आपको बता दें कि इस सीट के लिए कई नामों के बारे में चर्चा थी लेकिन अखिलेश यादव ने डिंपल का नाम लेकर सबको हैरान कर दिया। वैसे ये कोई पहला मौका नहीं है, जब डिंपल यादव को इस तरह से उपचुनाव में उतारा गया है। इससे पहले भी वो दो बार कन्नौज से सांसद चुनी जा चुकी हैं। पहली बार वो सपा से एमपी तब बनी थीं, जब अखिलेश यादव यूपी के सीएम बने थे और उन्हें कन्नौज की सीट छोड़नी पड़ी थी, तब पार्टी ने उन्हें उपचुनाव में उतारा था और उन्होंने यहां पर फतेह हासिल की थी।

साल 2014 में मोदी लहर के दौरान जब सपा ने मात्र 5 सीटें जीती थीं, तब भी कन्नौज से डिंपल ने जीत हासिल की थी। मालूम हो कि राजनीति में डिंपल ने कदम ही उपचुनाव से ही रखा था। उनकी सियासी पारी की शुरुआत 2009 में फिरोजाबाद उपचुनाव से ही हुई थी, हालांकि उन्हें अभिनेता और कांग्रेस नेता राज बब्बर के हाथों यहां करारी हार मिली थी। साल 2019 में उन्होंने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में कन्नौज से चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें भाजपा के सुब्रत पाठक से 10,000 से अधिक मतों से हार का सामना करना पड़ा था।

लेकिन इसके बावजूद वो पार्टी का लोकप्रिय चेहरा हैं। उन्होंने साल 2017 में कई रैलियां की थीं, जहां पर खासकर के महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई थी। जब-जब पार्टी को जरूरत पड़ी है तब-तब डिंपल यादव ने आगे बढ़कर मोर्चा संभाला है। हालांकि साल 2017 में जब भाजपा ने सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया था तो अखिलेश यादव ने कहा था कि अगर बीजेपी परिवारवाद को ही मुद्दा बना रही है तो हम तय करते हैं कि अगली बार हमारी पत्नी चुनाव नहीं लड़ेंगी लेकिन आज वो अपनी ही बातों से पलट गए हैं। जब-जब पार्टी के सामने कोई दुविधा पैदा होती है तो पार्टी अपने भरोसेमंद उम्मीदवार डिंपल को ही मैदान पर उतराती है।

आपको बता दें कि ऐसी भी चर्चा है कि भाजपा इस सीट से मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव को मैदान में उतार सकती है क्योंकि यादव बाहुल्य क्षेत्र में उसे अपर्णा यादव यहां पर सपा की तोड़ मिल सकती हैं। मालूम हो कि मैनपुरी में यादवों की संख्या करीब 3.5 लाख है।
अपर्णा यादव से मिले भूपेंद्र सिंह चौधरी
तो वहीं इसी बीच गुरुवार को यूपी बीजेपी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी से मुलाकात हुई है। दोनों के बीच ये मुलाकात लखनऊ में हुई थी, जिसके बाद अटकलों का बाजार काफी गर्म हो गया है। मालूम हो कि बीजेपी कोर कमेटी की बैठक शनिवार को बुलाई गई है, जिसके बाद भाजपा मैनपुरी से अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है।

अगर ऐसा हुआ तो एक ही परिवार की दो बहुएं आमने-सामने होंगी। फिलहाल सपा ने तो अपने पत्ते खोल दिए हैं, देखते हैं बीजेपी का कदम क्या होता है? आपको बता दें कि मैनपुरी उपचुनाव के लिए 10 से 17 नवंबर तक नामांकन होंगे। पांच दिसंबर को मतदान होगा। आठ दिसंबर को मतगणना होगी।












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