Mahant Nritya Gopal Das Hospitalized Reason: राममंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष की तबीयत बिगड़ी, लखनऊ मेदांता क्यों रेफर?
Mahant Nritya Gopal Das Hospitalized Reason: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। 87 वर्षीय इस प्रमुख संत को सोमवार रात से उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। बुधवार सुबह अयोध्या के श्रीराम अस्पताल में उनकी जांच हुई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत लखनऊ के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया।
महंत पिछले 36 घंटे से कुछ भी नहीं खा पा रहे हैं। उनके साथ उनके उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास भी हैं। यह खबर अयोध्या और रामभक्तों के बीच चिंता का विषय बन गई है। आइए जानते हैं क्या हुआ, क्यों हुआ और अब स्थिति क्या है।

Mahant Nritya Gopal Das Hospitalized: उल्टी-दस्त से शुरू हुआ संकट
सोमवार रात से महंत नृत्यगोपाल दास को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई। बुधवार सुबह श्रीराम अस्पताल के रिटायर्ड डॉक्टर एसके पाठक ने उनका चेकअप किया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताते हुए लखनऊ मेदांता (Lucknow Medanta) रेफर किया। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी वाईपी सिंह ने बताया कि महंत की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही डॉक्टर्स की टीम ने जांच की। इसके बाद मेडिकल टीम और एम्बुलेंस के साथ उन्हें मेदांता भेजा गया।
आगे कहा कि अब लखनऊ से मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। महंत पिछले कुछ वर्षों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कोरोना काल में मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान उन्हें कोरोना हुआ था। उसके बाद से उनकी तबीयत में उतार-चढ़ाव जारी है। 2020 और सितंबर 2024 में भी उन्हें मेदांता लखनऊ में भर्ती किया जा चुका है।
मेदांता में क्यों रेफर: अयोध्या में सीमित सुविधाएं
अयोध्या के श्रीराम अस्पताल में प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने महंत को उच्च स्तर की मेडिकल सुविधाओं के लिए लखनऊ मेदांता रेफर किया। मेदांता में विशेषज्ञ डॉक्टर, उन्नत जांच और आईसीयू सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो बुजुर्गों की जटिल बीमारियों के लिए जरूरी होती हैं। महंत की उम्र और पिछले स्वास्थ्य इतिहास को देखते हुए डॉक्टरों ने कोई जोखिम नहीं लिया। उनके साथ महंत कमलनयन दास भी गए हैं, जो उनके उत्तराधिकारी हैं। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जानकारी दी जा सकती है।
Ram Mandir Trust Chief Mahant Nritya Gopal Das: राममंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष, अयोध्या आंदोलन के सूत्रधार
महंत नृत्यगोपाल दास अयोध्या के वासुदेव घाट स्थित प्रसिद्ध पीठ मणिराम दास की छावनी के महंत हैं। 2003 में उन्हें श्री राम जन्मभूमि न्यास का अध्यक्ष बनाया गया। वर्तमान में वे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। राम मंदिर आंदोलन से लेकर निर्माण तक में उनकी भूमिका अहम रही। वे श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के भी प्रमुख हैं। उनका जन्म 11 जून 1938 को मथुरा जिले के केरहाला गांव में हुआ।
12 साल की उम्र में मथुरा से अयोध्या पहुंचे और यहीं बस गए। महंत राम मनोहर दास के शिष्य बने। वाराणसी संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री की उपाधि ली। 1965 में मणिराम दास छावनी (छोटी छावनी) के महंत बने। देश-विदेश में उनके लाखों शिष्य हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या आने पर हमेशा मणिराम दास छावनी पहुंचते हैं, महंत का हाल-चाल पूछते और आशीर्वाद लेते हैं।
हालिया घटनाएं: प्रेमानंद महाराज से मिलन
27 नवंबर 2025 को महंत नृत्यगोपाल दास मथुरा-वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के श्रीराधा केली कुंज आश्रम पहुंचे थे। प्रेमानंद महाराज ने भाव-विभोर होकर उनका स्वागत किया। उन्होंने महंत के कदमों में दंडवत प्रणाम किया, उन्हें अपने आसन पर बैठाया, पांव पखारे, माला पहनाई और आरती उतारी। संत-श्रद्धालु राधा नाम का कीर्तन कर रहे थे। महंत ने कहा था, 'भगवान राम के बिना कोई काम नहीं हो सकता। भगवान की कृपा के बिना कुछ नहीं होता। हमें भगवान पर निर्भर रहना चाहिए।' यह उनकी आखिरी सार्वजनिक उपस्थिति में से एक थी।
अब स्थिति क्या?
महंत की तबीयत बिगड़ने की खबर से रामभक्तों और संत समाज में चिंता है। सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थनाएं हो रही हैं। मेदांता अस्पताल से रिपोर्ट का इंतजार है। महंत नृत्यगोपाल दास राम मंदिर आंदोलन के एक प्रमुख चेहरा हैं। उनकी सेहत से जुड़ी हर खबर देशभर में सुर्खियां बनती है। रामभक्तों की कामना है कि वे जल्द स्वस्थ होकर अयोध्या लौटें और रामलला के दर्शन कराएं।












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