Mahakumbh में भगदड़-अग्निकांड से हाहाकार! 17 दिन में 3 हादसे-30 मौतें, रास्ते बंद? ग्राफिक्स में पूरी कहानी

Mahakumbh 2025 Tragedy: 13 जनवरी से प्रयागराज में शुरू हुआ महाकुंभ 2025 इस बार श्रद्धा और भक्ति के साथ-साथ हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। मौनी अमावस्या (28-29 जनवरी) की रात भगदड़ में 30 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद, 30 जनवरी को छतनाग घाट पर भीषण आग ने कई टेंटों को जलाकर खाक कर दिया। अग्निकांड की घटना 19 जनवरी को सबसे पहले हुई थी।

17 दिनों में 3 बड़े हादसों ने मेले की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 7 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था अब कटघरे में नजर आ रही है।हालांकि, यूपी सरकार ने बढ़ते हादसों को देखते हुए 5 और विशेष सचिव रैंक के अनुभवी अधिकारियों को कुंभ भेजा है। आइए ग्राफिक्स में जानते हैं कैसे हुआ हादसा? क्या हुए बदलाव? कौन जिम्मेदार? पूरी कहानी...

Mahakumbh 2025 Tragedy

28-29 जनवरी की रात: भगदड़ से मचा हाहाकार

कब और कहां हुआ हादसा?

28 जनवरी को रात 10 बजे से श्रद्धालु संगम तट पर स्नान के लिए पहुंचने लगे। आधी रात 1:45 बजे के आसपास भगदड़ मच गई, जब लाखों श्रद्धालु अमृत स्नान के लिए बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने लगे। यह हादसा 'अखाड़ा मार्ग' पर हुआ, जहां तपस्वी अखाड़ों के साधु जुलूस निकालते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

Mahakumbh 2025 Tragedy

कैसे हुई भगदड़?

  • लाखों श्रद्धालु संगम नोज पर ही स्नान करना चाहते थे।
  • बैरिकेड्स के पास बैठने और सोने लगे, जिससे रास्ते ब्लॉक हो गए।
  • प्रशासन ने अखाड़ों के स्नान के लिए एक रास्ता रिजर्व कर दिया, जिससे श्रद्धालु गलत रास्ते से जाने लगे।
  • भीड़ अचानक बेकाबू हो गई और लोगों को कुचलते हुए आगे बढ़ने लगी।
  • 30 से ज्यादा लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, कई घायल हुए।
Mahakumbh 2025 Tragedy

मृतकों की पहचान

इस हादसे में जान गंवाने वालों में यूपी, बिहार, झारखंड, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के श्रद्धालु शामिल हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

Mahakumbh 2025 Tragedy

गलती कहां हुई? 5 बड़े प्रशासनिक फेल्योर

पांटून पुल क्यों बंद किए गए?

  • महाकुंभ में 30 पांटून पुल बनाए गए थे, लेकिन 27 और 28 जनवरी को अधिकांश पुल बंद कर दिए गए।
  • 28 जनवरी को सिर्फ 7 पुल चालू थे, जिससे श्रद्धालु संगम क्षेत्र में फंस गए।
  • अगर सभी पुल चालू होते तो इतनी भारी भीड़ एक जगह नहीं रुकती और भगदड़ नहीं मचती।
क्रमांक तारीख खुले पांटून पुल
1
27 जनवरी 13, 14, 15
2
28 जनवरी 3, 14, 15, 17, 18, 19, 22 (कुल 7)
3
29 जनवरी 1, 2, 13, 14, 15, 17, 18, 19, 22 (कुल 9)

Mahakumbh 2025 Tragedy

भीड़ नियंत्रण पूरी तरह फेल

  • 27 जनवरी से ही श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही थी, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस प्लान नहीं बनाया।
  • 10 लाख से ज्यादा लोग संगम नोज पर जमा हो गए, लेकिन उन्हें समय रहते हटाया नहीं गया।
  • प्रशासनिक तालमेल की कमी

कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने माइक पर अनाउंसमेंट कर दी कि "अगर भीड़ और बढ़ी तो भगदड़ मच सकती है"।
इस अनाउंसमेंट से लोग घबरा गए और भगदड़ मच गई।
अगर प्रशासन को खतरे का अंदाजा था, तो पहले से उपाय क्यों नहीं किए गए?

Mahakumbh 2025 Tragedy

कंट्रोल रूम और ट्रैफिक प्लान फेल

  • ADG भानु भास्कर ने 80 मीटिंग की, लेकिन ट्रैफिक जाम से श्रद्धालु परेशान रहे।

  • 15 घंटे का जाम लगा, जिससे घायलों तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी।

    Mahakumbh 2025 Tragedy

    सीएम योगी की चेतावनी के बावजूद लापरवाही

    • 27 जनवरी को सीएम योगी ने खुद कुंभ की तैयारियों को लेकर मीटिंग की थी, फिर भी हादसा हुआ।
    • SSP राजेश द्विवेदी और DIG वैभव कृष्ण हादसे को रोकने में पूरी तरह असफल रहे।
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    हादसे के बाद 5.7 करोड़ का स्नान!

    28 जनवरी की शाम प्रयागराज में 'बड़ी संख्या' में लोग उमड़ने लगे, 29 जनवरी शाम 4 बजे तक 5.7 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई।

    Mahakumbh 2025 Tragedy

    30 जनवरी: छतनाग घाट पर भीषण आग

    भगदड़ की घटना के दो दिन बाद 30 जनवरी को प्रयागराज के छतनाग घाट पर आग लग गई। इस आग में कई टेंट जलकर राख हो गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई।

    Mahakumbh 2025 Tragedy

    महाकुंभ में अब क्या बदला?

    प्रशासन ने हादसों से सबक लेते हुए 5 बड़े बदलाव किए हैं...

    mahakumbh-2025-tragedy
    • पूरा मेला क्षेत्र 'नो-व्हीकल जोन' घोषित - किसी भी वाहन को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
    • VVIP पास रद्द - अब किसी भी खास व्यक्ति को विशेष पास पर एंट्री नहीं मिलेगी।
    • रास्तों को वन-वे किया गया - भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए नए रूट बनाए गए।
    • वाहनों की एंट्री पर रोक - प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले वाहनों को अब बाहर ही रोका जाएगा।
    • 4 फरवरी तक सख्त प्रतिबंध - शहर में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी।

    Mahakumbh 2025 Tragedy
    क्रं. बॉर्डर / रूट परिवर्तन / समस्या
    1
    प्रयागराज-भदोही-वाराणसी बॉर्डर
    20 किमी लंबा जाम, 40,000 वाहन रोके गए
    2
    प्रयागराज-चित्रकूट बॉर्डर 10 किमी लंबा जाम, श्रद्धालु 20 घंटे से फंसे
    3
    प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर
    50,000 गाड़ियां रोकी गईं, श्रद्धालु पैदल जा रहे
    4
    प्रयागराज-प्रतापगढ़ बॉर्डर 40,000 वाहन रोके गए, ड्रोन से निगरानी
    5
    प्रयागराज-जौनपुर बॉर्डर बसों को बदला गया, श्रद्धालु 14 घंटे परेशान
    6
    रीवा-प्रयागराज बॉर्डर 50,000 वाहन रोके गए, 25 किमी लंबा जाम
    7
    वाराणसी-प्रयागराज रूट 20 किमी लंबा जाम, 200 बसें फंसी

    Mahakumbh 2025 Tragedy

    जरूरी हेल्पलाइन नंबर

    महाकुंभ में श्रद्धालुओं की मदद के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं...

    • 📞 हेल्पलाइन नंबर: 1920
    • 🚨 मेला पुलिस हेल्पलाइन: 1944
    • 🏥 महाकुंभ एंबुलेंस सेवा: 102, 108
    • 🔥 फायर हेल्पलाइन: 1945
    • 🍲 फूड सप्लाई हेल्पलाइन: 1010
    • 👶 खोया-पाया हेल्पलाइन: 0532-2504011, 0532-2500775।

    अब क्या कदम उठाए गए?

    • 5 नए अधिकारी तैनात - दो IAS (आशीष गोयल, भानु गोस्वामी) और 3 PCS (प्रफुल्ल त्रिपाठी, प्रतिपाल सिंह चौहान, आशुतोष दुबे)। यहां पढ़ें पूरी खबर
    • 12 फरवरी तक प्रयागराज में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
    • भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्लान को फिर से तैयार किया गया।
    • अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, एंबुलेंस के लिए अलग कॉरिडोर बनाया गया।
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