Mahakumbh 2025 Stampede: महाकुंभ में 1 नहीं 3 जगहों पर मची थी भगदड़! मौतों का आंकड़ा 60 के पार?
Mahakumbh 2025 Stampede Truth: प्रयागराज महाकुंभ 2025 में भगदड़ से हुई मौतों की संख्या को लेकर प्रशासन और रिपोर्ट्स के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने सिर्फ संगम नोज इलाके में भगदड़ से 30 मौतें और 60 घायलों की पुष्टि की है, लेकिन जमीनी रिपोर्ट्स में तीन अलग-अलग जगहों पर भगदड़ और 100 से ज्यादा मौतों का दावा किया जा रहा है।
दैनिक भास्कर, की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 49, 61 या 100 हो सकती है मरने वालों की संख्या। वहीं, टीवी 9 के एक रिपोर्टर को पोस्टमार्टम हाउस में मौतों के आंकड़ों की गिनती करना भारी पड़ा, जब उन्हें धक्का-मुक्की का अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा सामना करना पड़ा। कहां-कहां हुई थी भगदड़?

3 जगहों पर हुई भगदड़, मौतों का आंकड़ा कितना?
संगम नोज इलाके में भगदड़ (30 मौतें, प्रशासन का दावा)
- 28-29 जनवरी की रात 1:30 बजे भगदड़ मची।
- प्रशासन के अनुसार 30 की मौत हुई, 60 घायल हुए।
- मीडिया रिपोर्ट्स का दावा: 49 मौतें हुईं।
झूंसी ऐरावत द्वार पर भगदड़ (24 मौतें, स्थानीय दावा)
- 29 जनवरी सुबह 6 बजे ऐरावत द्वार के पास भगदड़ हुई।
- स्थानीय लोगों के अनुसार: यहां 24 श्रद्धालुओं की मौत हुई।
ओल्ड जीटी रोड पर भगदड़ (5 मौतें, चश्मदीदों का दावा)
- 29 जनवरी सुबह 8-9 बजे भीड़ महामंडलेश्वर की गाड़ी को रास्ता दे रही थी।
- कुछ महिलाएं गाड़ी के नीचे आ गईं, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
- सीओ रुद्र प्रताप के अनुसार: 5 घायलों की मौत अस्पताल में हुई।
एंबुलेंस ड्राइवरों का दावा: 100 से ज्यादा शव लाए गए!
- सेक्टर-20 अस्पताल में रिपोर्टर्स ने एंबुलेंस ड्राइवरों से बात की।
- ड्राइवरों का दावा कि हमने 100 से ज्यादा शव विभिन्न अस्पतालों और राज्यों तक पहुंचाए। 29 जनवरी की सुबह अस्पताल शवों से भरा था। हमने यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक तक शव पहुंचाए।
प्रशासन का क्या कहना है?
17 घंटे बाद प्रशासन ने कहा कि 28-29 जनवरी की रात संगम नोज पर भारी भीड़ जमा हुई थी। भीड़ बैरिकेड्स तोड़कर घुस गई, जिससे भगदड़ मच गई। 90 घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से 30 की मौत हुई।
लेकिन सच्चाई कुछ और कहती है...
- सरकारी आंकड़ा: 30 मौतें
- मीडिया रिपोर्ट्स का दावा: 49 मौतें
- एंबुलेंस ड्राइवरों का दावा: 100+ मौतें
सवाल जो प्रशासन को घेर रहे हैं...
- भगदड़ सिर्फ एक जगह हुई या तीन जगहों पर?
- सरकार 30 मौतें बता रही है, लेकिन 100 शव कहां से आए?
- बॉडी बैग्स पर 61 तक नंबरिंग क्यों थी?
पीड़ितों के परिवारों का दर्द
- 'हमें अपनों की कोई खबर नहीं, अस्पताल में लाशें हैं, लेकिन पहचान नहीं हो रही।'
- 'अगर मेला प्रशासन ने पहले से इंतजाम किए होते, तो ये हादसा नहीं होता!'
क्या मौतों का आंकड़ा छिपाया जा रहा?
मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया कि 29 जनवरी को 41 शव विभिन्न राज्यों में भेजे गए। यूपी के 8 जिलों में 16 शव पहुंचे। बिहार, कर्नाटक, झारखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम, गुजरात और उत्तराखंड में भी शव भेजे गए।












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