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Mahakumbh 2025: बाबा रामेदव की सनातन अदालत में कौन-कौन कटघरे में? Mamta Kulkarni से लेकर IIT बाबा तक पर सवाल!

Mahakumbh 2025 Baba Ramdev News: प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ 2025 का माहौल आध्यात्मिकता और अनोखी घटनाओं से भरा हुआ है। 14 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अब तक आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। कुंभ के इस महापर्व में साधु-संतों, भक्तों और मशहूर हस्तियों का आना-जाना लगातार जारी है। हर साल की तरह इस बार भी महाकुंभ में कई चौंकाने वाली घटनाएं और नाम सामने आए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है आईआईटी बाबा (IIT Baba) और ममता कुलकर्णी (Mamta Kulkarni) के महामंडलेश्वर बनने की।

योग गुरु बाबा रामदेव ने इन घटनाओं पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सनातन धर्म की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने उन कथित बाबाओं पर भी निशाना साधा, जो महाकुंभ में नाम और शोहरत पाने के लिए आ रहे हैं। आइए, जानते हैं इस पूरे मामले की गहराई।

Mahakumbh 2025 Baba Ramdev

बाबा रामदेव ने क्या कहा?

बाबा रामदेव ने महाकुंभ को सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि यह पर्व पवित्रता और आध्यात्मिकता का प्रतीक है, लेकिन कुछ लोग इसे अनुचित हरकतों और लोकप्रियता का साधन बना रहे हैं। ममता कुलकर्णी और आईआईटी बाबा के मामले पर उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति एक दिन में संत नहीं बन सकता। इसके लिए सालों की तपस्या और साधना की जरूरत होती है।

रामदेव ने यह भी कहा कि 'महामंडलेश्वर का पद सिर्फ नाम के लिए नहीं होता, बल्कि यह एक जिम्मेदारी है।' उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को शोभा बढ़ाने वाले कर्मों से जोड़ा जाना चाहिए, न कि दिखावे और अजीब हरकतों से।

ममता कुलकर्णी बनीं महामंडलेश्वर - क्यों हो रहा है विवाद?

90 के दशक की मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी, जिन्होंने अपनी बोल्ड छवि से सुर्खियां बटोरी थीं, अब आध्यात्मिक जीवन जी रही हैं। 24 जनवरी 2025 को उन्होंने किन्नर अखाड़ा में शामिल होकर संन्यास लिया। उन्हें किन्नर अखाड़ा की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने महामंडलेश्वर की उपाधि दी। ममता ने अपने इस नए जीवन के साथ अपना नाम बदलकर यामाई ममता नंद गिरि रख लिया है।

हालांकि, उनके इस फैसले पर सवाल उठाए जा रहे हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि सिर्फ संन्यास लेने से कोई महामंडलेश्वर नहीं बन सकता। उन्होंने यह भी कहा कि इस पद के लिए कठिन तप और साधना की जरूरत होती है।

कौन हैं आईआईटी बाबा?

आईआईटी बाबा का असली नाम अभय सिंह है। वह भारत के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी से ग्रेजुएट हैं। आईआईटी बाबा ने अपनी साधारण जीवनशैली और गहरी आध्यात्मिक सोच से सबका ध्यान खींचा है। वह वाराणसी के जूना अखाड़े से जुड़े हुए हैं और संत सोमेश्वर पुरी के मार्गदर्शन में तपस्वी जीवन जी रहे हैं। आईआईटी बाबा का संदेश है कि जब जीवन में समस्याएं बढ़ें और अकेलापन महसूस हो, तो अध्यात्म की ओर बढ़ना चाहिए। उनके विचारों ने युवाओं को काफी प्रेरित किया है।

महाकुंभ के अनोखे बाबा और उनकी कहानियां

महाकुंभ 2025 में कई तरह के साधु और बाबा अपनी अनोखी जीवनशैली और कामों से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। आइए, कुछ चर्चित बाबाओं के बारे में जानते हैं....

  • रबड़ी वाले बाबा: श्री महंत देवगिरि, जिन्हें रबड़ी बाबा कहा जाता है, हर दिन बड़ी कढ़ाई में रबड़ी बनाकर भक्तों को मुफ्त में परोसते हैं।
  • महाकाल गिरी बाबा: राजस्थान के महाकाल गिरी बाबा पिछले 9 सालों से अपना एक हाथ ऊपर उठाए हुए हैं। उनके हाथ के नाखून इतने बढ़ चुके हैं कि देखने वाले हैरान रह जाते हैं।
  • कंप्यूटर बाबा: दास त्यागी, जिन्हें कंप्यूटर बाबा कहा जाता है, तकनीक और गैजेट्स में रुचि रखते हैं। वह अपने साथ हमेशा लैपटॉप रखते हैं।
  • लिलिपुट बाबा: 57 वर्षीय बाबा गंगा गिरी 32 साल से स्नान नहीं कर रहे हैं। उनकी अनोखी कद-काठी और जीवनशैली के कारण लोग उन्हें लिलिपुट बाबा कहते हैं।
  • चाबी वाले बाबा: रायबरेली के हरिशचंद्र विश्वकर्मा, जिन्हें चाबी वाले बाबा कहा जाता है, अपनी 20 किलो की चाबी के लिए मशहूर हैं। उनका कहना है कि यह चाबी अहंकार के ताले को खोलती है।
  • रुद्राक्ष बाबा: रुद्राक्ष बाबा पूरे शरीर पर करीब 11,000 रुद्राक्ष की मालाएं पहनते हैं। इन मालाओं का वजन लगभग 30 किलो है।
  • डिजिटल मौनी बाबा: डिजिटल मौनी बाबा पिछले 12 साल से मौन व्रत धारण किए हुए हैं। वह अपनी हर बात डिजिटल बोर्ड पर लिखकर बताते हैं।

महाकुंभ 2025: विवाद और अध्यात्म का संगम

महाकुंभ हमेशा से ही आस्था, आध्यात्मिकता और विविधता का संगम रहा है। लेकिन इस बार आईआईटी बाबा, ममता कुलकर्णी और अन्य अनोखे साधुओं ने इस आयोजन को और भी चर्चित बना दिया है। बाबा रामदेव का बयान इन घटनाओं पर सोचने पर मजबूर करता है कि क्या वाकई सनातन धर्म और साधु जीवन का सम्मान बनाए रखने की जरूरत है।

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