Mahakumbh 2025: 'वे थूकेंगे, पेशाब करेंगे', महंत रवींद्र पुरी का कुंभ में गैर-हिंदुओं की दुकानों पर कड़ा रुख
Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ आयोजित होने जा रहा है। इससे पहले अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत रवींद्र पुरी (Mahant Ravindra Puri) ने महाकुंभ-2025 (Mahakumbh 2025) में गैर-हिंदुओं को दुकानें लगाने की अनुमति देने के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आयोजन की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं को दूर रखना जरूरी है।
महाकुंभ को लेकर महंत रवींद्र पुरी ने चिंता जताई कि अगर गैर-हिंदुओं को चाय और जूस की दुकानें खोलने की अनुमति दी गई तो इससे व्यवधान पैदा हो सकता है। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "हमने कहा है कि उन्हें चाय की दुकानें, जूस की दुकानें और फूलों की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। अगर उन्हें ये दुकानें दी गईं तो वे थूकेंगे और पेशाब करेंगे और हमारे नागा संतों को कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"

महाकुंभ 13 जनवरी, 2025 को शुरू होने वाला है। उपस्थित लोगों के लिए स्वच्छ वातावरण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। प्रयागराज के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक तकनीक के साथ बढ़ाया जा रहा है, जिससे महाकुंभ में आने वाले भक्तों को शानदार अनुभव प्रदान किया जा सके।
Mahakumbh 2025: गैर-हिंदुओं को दूर रखना जरूरी
इधर, महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना होती है और कोई घायल होता है, तो इससे दुनिया भर में गलत संदेश जाएगा। पुरी ने कहा, "हमारा मेला सुंदर, स्वच्छ, भव्य, दिव्य और शांतिपूर्ण होना चाहिए। आयोजन की सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं को दूर रखना जरूरी है।"
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प्रधानमंत्री मोदी के एकता के आह्वान के बाद बयान
पुरी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में एकता के आह्वान के तुरंत बाद आया है। पीएम मोदी ने कुंभ मेले को भारत की विविधता में एकता का प्रतीक बताते हुए लोगों से सामाजिक विभाजन और नफरत को खत्म करने का आग्रह किया है।
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इससे पहले, अखिल भारतीय मुस्लिम जमात ने महाकुंभ के दौरान मेला क्षेत्र में गैर-हिंदुओं को खाद्य दुकानें लगाने से रोकने के अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (एबीएपी) के प्रस्ताव का विरोध किया था, जिसमें तर्क दिया गया था कि इस तरह के कदम से समाज में विभाजन पैदा होगा।












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