Maha Kumbh 2025: सीएम योगी के 'गिद्धों को लाश, सुअरों को गंदगी' वाले बयान पर अखिलेश यादव ने दिया करारा जवाब
Maha Kumbh 2025: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को लेकर एक बयान दिया, जिस पर अब राजनीतिक घमासान मच गया है। सपाध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने बिना योगी आदित्यनाथ का नाम लिए उनके बयान पर करारा जवाब दिया।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि महाकुंभ में जिन्होंने अपनों को तलाशा, उन्हें न तो अपने परिवार के उन लोगों का नाम मृतकों की सूची में मिला, जो हमेशा के लिए खो गए और न ही खोया-पाया के रजिस्टर में। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने महाकुंभ को राजनीतिक अवसरवाद के रूप में देखा और उसे आत्मप्रचार का माध्यम बना लिया।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोगों ने महाकुंभ में नैतिकता, सत्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं को भी खो दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब किसी की मानसिकता नकारात्मकता के चरम पर होती है, तो वह देश, काल और स्थान की गरिमा का ख्याल किए बिना शब्दों के रूप में प्रकट होती है।
अखिलेश ने आगे लिखा कि महाकुंभ एक पवित्र धार्मिक और आध्यात्मिक पर्व है, और इस अवसर पर शब्दों का चयन इसकी प्रतिष्ठा के अनुकूल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में कई बार जाने के बाद भी जिनका वैचारिक उद्धार नहीं हुआ, उनके पाप और पतन की सीमा कोई नहीं नाप सकता।
सपा नेताओं का मुख्यमंत्री पर हमला
सीएम योगी के बयान के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी उन पर तीखा हमला बोला। सपा विधायक अमिताभ वाजपेयी ने कहा कि मुख्यमंत्री को प्रदेश और जनता की चिंता नहीं है, बल्कि उन्हें केवल अखबारों की हेडिंग बनाने की चिंता है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर जवाब देते समय सीएम को शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए था।
वाजपेयी ने कहा कि महाकुंभ जैसी पवित्र परंपरा पर इस तरह की बयानबाजी करना न केवल अनुचित है, बल्कि इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महाकुंभ को सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।
भाजपा ने किया पलटवार
समाजवादी पार्टी के हमले के बाद भाजपा ने भी जोरदार पलटवार किया। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अखिलेश यादव और उनकी पार्टी सिर्फ नकारात्मक राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने महाकुंभ में उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की हैं, जिससे लाखों श्रद्धालु संतुष्ट हैं।
भाजपा नेताओं का कहना है कि सपा को महाकुंभ से कोई मतलब नहीं है, वह सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के दौरान महाकुंभ में अव्यवस्थाएं थीं, लेकिन योगी सरकार ने इसे वैश्विक स्तर का आयोजन बना दिया है।
महाकुंभ पर सियासत जारी
महाकुंभ पर सियासत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा जहां इसे अपनी उपलब्धि बता रही है, वहीं विपक्ष इसे सरकार की नाकामी करार दे रहा है। अखिलेश यादव के बयान के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी ने कहा कि सरकार को महाकुंभ के दौरान हुई अव्यवस्थाओं की जांच करनी चाहिए और उन लोगों को न्याय देना चाहिए, जिन्होंने अपनों को खो दिया। वहीं, भाजपा का कहना है कि सपा सिर्फ राजनीति कर रही है और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।












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