Maha Kumbh 2025: जूना अखाड़े ने 13 साल की नाबालिग साध्वी और महंत पर की बड़ी कार्रवाई, जानें क्या है असली वजह?
Maha Kumbh 2025: नाबालिक लड़की को साध्वी बनने के मामले में जूना अखाड़े द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। जूना अखाड़े ने कड़ा कदम उठाते हुए 13 वर्षीय साध्वी गौरी गिरि और उसके गुरु कौशल गिरि को अखाड़े से निष्कासित कर दिया है।
अखाड़े की आम सभा की बैठक में यह फैसला लिया गया। नाबालिग साध्वी को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है और गुरु को महाकुंभ मेला क्षेत्र छोड़ने का निर्देश दिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब महंत द्वारा नाबालिग लड़की को साध्वी बनाने का मामला तूल पकड़ रहा था।

बैठक में यह भी तय किया गया कि अब किसी महिला को 22 वर्ष की आयु से पहले संन्यास दीक्षा नहीं दी जाएगी। आगरा का रहने वाला एक परिवार बीते दिनों महंत के पास आया था। जिसमें परिवार की नाबालिक बेटी को कौशल गिरि ने साध्वी बनाकर अखाड़े में शामिल किया था।
वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा
गौरी गिरि और उसकी मां का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उसने बताया कि वह पढ़-लिखकर आईएएस बनना चाहती थी, लेकिन उसे अखाड़े में शामिल करा दिया गया। इस मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने भी हस्तक्षेप किया। अखाड़ा थाने में पंचायत हुई, जिसके बाद मेला छावनी में अखाड़े की आम सभा का आयोजन हुआ।
आम सभा में संरक्षक महंत हरि गिरि, अध्यक्ष महंत प्रेम गिरि और प्रवक्ता नारायण गिरि की मौजूदगी में कौशल गिरि और गौरी गिरि उर्फ राखी को तत्काल प्रभाव से जूना अखाड़े से निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। अखाड़े के नियमों को तोड़ने के कारण यह कदम उठाया गया।
अखाड़े के नियमों का उल्लंघन
महंत हरि गिरि ने बताया कि नियमानुसार साध्वी बनने के लिए सहमति का कच्चा और पक्का दस्तावेज लेना जरूरी होता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि निर्णय भावनाओं में बहकर नहीं लिया गया। लेकिन इस मामले में अखाड़े की परंपरा तोड़ी गई, जिस पर यह कार्रवाई की गई।
लड़की को भेजा गया उसके घर
इस मामले में शुक्रवार को रमता पंचों की मौजूदगी में अखाड़े के शीर्ष पदाधिकारियों की पंचायत में यह फैसला लिया गया। फैसला लिए जाने के बाद महंत कौशल गिरी को अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया और इसके अलावा नाबालिग लड़की को उसके घर भेज दिया गया।












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