लखनऊ की यातायात व्यवस्था संभालेंगे स्कूलों के "शिक्षक" ?, जानिए पुलिस को क्यों जारी करनी पड़ी एडवायजरी
लखनऊ, 22 जुलाई: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अक्सर स्कूलों के बाहर लगने वाले जाम से छुटकारा पाने के लिए लखनऊ पुलिस ने नई पहल की है। लखनऊ पुलिस ने लखनऊ के सभी विद्यालयों को एक एडवाजयरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि सभी स्कूलों के बाहर गार्ड की तैनाती करें और उनकी निगरानी के लिए एक शिक्षक को भी तैनात करें ताकि स्कूलों के बाहर लगने वाले जाम से राहत मिल सके। ज्वांइट पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया की ओर से जारी की गई यह एडवायजरी चर्चा का विषय बनी हुई है।

लखनऊ पुलिस ने जारी की एडवायजरी
दरअसल लखनऊ पुलिस ने सभी स्कूलों को एक एडवाइजरी जारी की है कि स्कूलों के बाहर शिक्षकों की निगरानी में गार्ड तैनात करें ताकि यातायात का प्रबंधन किया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्कूल खत्म होने पर वाहन निर्दिष्ट स्थानों पर पार्क किए जाएं। जानकारों की माने तो एडवाइजरी की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि कुछ प्रमुख स्कूल विधान भवन सहित वीवीआईपी प्रतिष्ठानों के करीब स्थित हैं।

वीवीआईपी मूवमेंट में होती है परेशानी
इन क्षेत्रों में वीआईपी आवागमन के कारण अक्सर यातायात अवरुद्ध होता है और स्कूलों के खत्म होने पर भारी भीड़ होती है। इसका आस-पास के मार्गों पर भी प्रभाव पड़ता हैं। इनमें से कुछ स्कूल तो तीन प्रमुख सरकारी अस्पतालों के पास हैं जिससे मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पीयूष मोर्डिया की ओर से सभी स्कूलों को एडवायजरी जारी की गई है।

स्कूलों के बाहर मॉर्शल तैनात करने की सलाह
इसमें कहा गया है कि सभी स्कूलों एवं कॉलेजों को अपने बच्चों को लेने और छोड़ने के लिए आने वाले माता-पिता को निर्देशित करने और मार्गदर्शन करने के लिए स्कूल के गेट के बाहर मार्शल तैनात करना चाहिए। स्कूलों एवं कॉलेजों को एक शिक्षक या प्रशासनिक स्टाफ की प्रतिनियुक्ति करनी चाहिए ताकि जब स्कूल रोजाना शुरू या खत्म हों, जैसा कि दिल्ली में होता है। गेट के बाहर वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए शिक्षकों को लगाया जाता है।

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने किया इसका विरोध
उन्होंने कहा, "एक पूर्व-निर्धारित पार्किंग स्लॉट की पहचान की जानी चाहिए जहां वाहनों को खड़ा किया जाना चाहिए।" मोर्डिया ने कहा कि स्कूलों में सभी क्लास की छुट्टी एक साथ नहीं होनी चाहिए और विभिन्न कक्षाओं को 20 मिनट के अंतराल पर खत्म करना चाहिए। इसको लेकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस का यह कर्तव्य है कि वह स्कूलों के बाहर ही नहीं, हर जगह जाम को साफ करे। उन्होंने कहा कि स्कूल एक ट्रैफिक प्रतिनिधि को चेक रखने के लिए नियुक्त कर सकते हैं, लेकिन शिक्षक खड़े होकर ट्रैफिक का प्रबंधन नहीं कर सकते।












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