Lucknow Mein Aaj Iftar Ka Time: Ramadan के 5वें रोजे पर लखनऊ में इफ्तार का वक्त क्या है? Taraweeh का अपडेट
Lucknow Mein Aaj Iftar Ka Time: नवाबों का शहर लखनऊ रमजान के पांचवें रोजे पर भी अपनी अनोखी रौनक और तहजीब से जगमगा रहा है। यहां मुस्लिम आबादी करीब 36-37% है, जिसमें सुन्नी बहुसंख्यक (75-85%) और शिया समुदाय (15-20%) प्रमुख हैं। रमजान में बाजारों की चमक, मस्जिदों-इमामबाड़े की रौनक और सामुदायिक इफ्तार की परंपरा सदियों पुरानी है। अवध के दौर से चली आ रही यह गंगा-जमुनी तहजीब आज भी अमीर-गरीब को एक मेज पर लाती है।
23 फरवरी यानी आज रमजान 1447 हिजरी के 5वें रोजे पर 'नवाबों' के इफ्तार का सही वक्त क्या है? यह रोजेदारों के मन में सवाल उठ रहा है। विभिन्न फिक्ह (मजहबी स्कूल) के अनुसार इफ्तार का वक्त थोड़ा अलग-अलग होता है, क्योंकि सूर्यास्त के आधार पर गणना में सूक्ष्म अंतर रहता है। आइए जानते हैं...

Lucknow Iftar Timing Today: लखनऊ में इफ्तार का सही समय क्या है?
- मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की तरफ से जारी वक्त के अनुसार, सुन्नी समुदाय (फिक्ह-ए-हनफी) शाम 6:03 PM इफ्तार का समय है।
- मौलाना कल्बे जवाद द्वारा जारी शिया समुदाय (फिक्ह-ए-जाफरी) का इफ्तार का समय शाम 6:15 PM है।
इफ्तार की नियत और तरीका
रोजा खोलने से पहले नियत (इरादा) करना जरूरी है। नियत दिल से की जाती है, जुबानी पढ़ना बेहतर है:-
Iftar Ki Niyat: नियत का तरीका (सुन्नी/शिया दोनों में समान):
'नवैतु अन असूम गदन लिल्लाहि तआला'
(अर्थ: मैंने कल अल्लाह के लिए रोजा रखने की नियत की।)
इफ्तार के समय: 'अल्लाहुम्मा लका सुम्तु व बिका आमन्तु व अला रिज्किका अफ्तर्तु'
(अर्थ: ऐ अल्लाह! तेरे लिए रोजा रखा, तुझ पर ईमान लाया और तेरे दिए रिज्क से इफ्तार कर रहा हूं।)
Iftar Ka Tarika Kya: इफ्तार का तरीका:
- अजान (मग़रिब की) सुनते ही सबसे पहले खजूर (3 या 1) और पानी से रोजा खोलें।
- अगर खजूर न हो तो पानी या कोई मीठा चीज।
- उसके बाद नमाज पढ़कर फिर भारी भोजन।
- लखनऊ में परंपरा है कि अजान के साथ ही बिस्मिल्लाह कहकर खजूर-पानी से इफ्तार शुरू करें।
लखनऊ में रमजानी माहौल की खासियत
- बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा: यहां सामुदायिक दस्तरख्वान सजते हैं, जहां अमीर-गरीब साथ बैठकर इफ्तार करते हैं।
- चौक-अमीनाबाद की गलियां: खजूर, फल, फ्रूट चाट, दही-बड़े, शरबत, कबाब, कुलचे-निहारी और सेवइयां महक उठती हैं। रोजेदार अजान से पहले ही सामान लेकर घर या मस्जिद जाते हैं।
- साझा संस्कृति: गैर-मुस्लिम भाई-बहन भी इफ्तार में शामिल होते हैं। कई जगह राहगीरों के लिए सबील और पैकेट बांटे जाते हैं।
- तरावीह और रात: इफ्तार के बाद तरावीह की नमाज, रोशनी से जगमग बाजार और देर रात तक दुकानों का खुला रहना, ये सब लखनऊ की रमजानी पहचान हैं।
Lucknow Taraweeh Timings: लखनऊ में तरावीह की नमाज का समय व पारे
| क्रमांक | नाम / पता | समय | पारे |
|---|---|---|---|
| 1 | जामा मस्जिद ईदगाह, लखनऊ | 7:45 | पांच |
| 2 | मस्जिद नदवतुल उलमा, सीतापुर मार्ग | 8:30 | सब पार |
| 3 | मस्जिद दरगाह शाह मीना गेट | 7:45 | पांच |
| 4 | मस्जिद उमर, बिलौचपुरा | 8:00 | तीन |
| 5 | मस्जिद कच्चा हाता, अमीनाबाद | 8:00 | डेढ़ |
| 6 | मस्जिद इब्राहीमी, बिलौचपुरा चौराहा | 8:00 | डेढ़ |
| 7 | शाही मस्जिद, भवानीगंज | 7:45 | दो |
| 8 | मस्जिद फिरदोस, हेडरगंज | 7:45 | दो |
| 9 | मस्जिद नूर, पुरानी सब्जी मंडी, चौक | 7:45 | तीन |
| 10 | मस्जिद धनिया मेहर, मौलवीगंज | 8:00 | तीन |
| 11 | मस्जिद तकिया वाली, बिलौचपुरा | 7:45 | तीन |
| 12 | मस्जिद फूल कटोरा, घास मंडी, ठाकुरगंज | 8:00 | तीन |
| 13 | मस्जिद सुबहानिया, पाटनाला चौक | 7:45 | दो |
| 14 | - | 8:00 | दो |
| 15 | - | 8:00 | तीन |
| 16 | - | - | - |
- शाह मीना और ऐशबाग क्षेत्र में 5 पारे की तरावीह आज देर शाम मुकम्मल होगी।
- रोजेदारों द्वारा रमजान माह में पहला कुरान पूरा किया जाएगा।
- वहीं, 3 पारे वाली तरावीह का दूसरा दौर 9 रमजान की शाम को पूरा होने की जानकारी दी गई है।
लखनऊ में इफ्तार सिर्फ भूख मिटाना नहीं, बल्कि सदियों पुरानी मेहमाननवाजी, इंसानियत और दिलों को जोड़ने का जरिया है। रमजान मुबारक, रोजेदारों को अल्लाह की रहमत और मगफिरत नसीब हो।












Click it and Unblock the Notifications