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अमेरिका में बना लोकोमोटिव इंजन भारतीय रेलवे के बेड़े में शामिल

By Prashant Srivastava
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    लखनऊ। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने गुरुवार को लखनऊ में पीपीपी भागीदारी से निर्मित मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत डिजाइन और विकसित किये गये अत्याधुनिक उच्च शक्ति वाले दो रेल इंजनों को भारतीय रेल के बेड़े में शामिल किया। आधुनिकीकरण के माध्यम से अर्थव्यवस्था में ऊँची दर को प्रोत्साहन देने के लिए भारतीय रेलवे के एजेंडे के मद्देनज़र, भारतीय रेलवे ने पीपीपी मॉडल के तहत अपनी किस्म के पहले अत्याधुनिक इंसुलेटिड-गेट बाई-पोलर ट्रांजिस्टर तकनीक वाले इंजनों के निर्माण के लिए मेसर्स जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी के साथ भागीदारी की है। भारतीय रेल प्रणाली पर उच्च अश्व शक्ति वाले दो इंजनों को रेलवे के बेड़े में शामिल किया गया है।

    lucknow Locomotive engine made in the US is included in Indian railway fleet

    जीई कम्पनी ने ये इंजन रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी को गुरुवार को उत्तर रेलवे के डीजल लोकोशैड आलमबाग लखनऊ में आयोजित एक समारोह में सौंपे। इस अवसर पर लोहानी ने उत्तर प्रदेश के रोज़ा में एक अनुरक्षण शैड का भी शुभारम्भ किया। इस अवसर पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, विश्वेश चौबे, प्रमुख मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर उत्तर रेलवे अजीत सिंह जांघू, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मेकेनिकल इंजीनियरिंग ट्रैक्शन रेलवे बोर्ड अनुपम शर्मा सहित उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल कारखाना और जीई कम्पनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    जीई कम्पनी भारतीय रेलवे को लोकोमोटिव प्रौद्योगिकी प्रदान कर रहा है और जीई व भारतीय रेलवे के बीच एक संयुक्त उद्यम कंपनी के माध्यम से सन् 2025 तक 1,000 ईधन-कुशल विकास श्रृंखला लोकोमोटिव (100 प्रतिवर्ष) की आपूर्ति करेगा जो कि माल ढुलाई में प्रयोग किए जाएंगे । इनमें 700 लोकोमोटिव 4500 अश्व शक्ति डब्लूडीजी4जी और शेष 300 लोकोमोटिव 6000 हार्स पॉवर के होंगे।

    शुरूआत में 40 डीजल लोकोमोटिव का निर्माण जीई ईरी, पेन्सिलवेनिया संयुक्त राज्य अमेरिका में किया जा रहा है जबकि शेष 960 डीजल लोकोमोटिव बिहार में सारण जिले के मरहौरा में एक नये संयुक्त उद्यम के तहत निर्मित किये जायेंगे। 9.15 हेक्टेयर की भूमि में निर्मित इस संयंत्र को 2018 में शुरू कर दिया जायेगा साथ ही उत्तर प्रदेश के रोज़ा और गुजरात के गांधीधाम में इस लोको का रख-रखाव किया जाएगा ।

    इस परियोजना का लक्ष्य भारतीय रेल के बुनियादी ढांचे को आधुनिकीकृत कर भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करना है। जीई कम्पनी द्वारा तैयार दो प्रकार के मॉडल ES44A व ES57ACI के लोकोमोटिव तैयार किये जाने है। जिसमें ES43ACmi मॉडल का लोकोमोटिव 4500 अश्वशक्ति का तथा ES57ACI मॉडल का लोकोमोटिव 6000 अश्वशक्ति का है।

    प्रथम लोको संख्या 49001 डब्लूडीजी4जी (मॉडल ES43A Cmi) अश्वशक्ति इंजन के साथ डूवल कैब लोकोमोटिव है जिसे अध्यक्ष रेलवे बोर्ड ने हरी झण्डी दिखाकर डीजल शेड आलमबाग लखनऊ से दिनांक 22.02.2018 को राष्ट्र को समर्पित किया गया।

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    English summary
    lucknow Locomotive engine made in the US is included in Indian railway fleet

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