Lucknow में कोल्ड स्टोरेज बना आग का गोला! 7 दिन पहले अलीगंज कोचिंग त्रासदी में 15 छात्रों की हुई मौत
Lucknow Cold Storage Fire Breakout Reason: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक हफ्ते से भी कम समय में दूसरा बड़ा अग्निकांड हो गया। रविवार (28 जून) सुबह चिनहट इलाके में एक कोल्ड स्टोरेज यूनिट में भीषण आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि काबू पाने में कई घंटे लग गए और 15 दमकल गाड़ियां लगानी पड़ीं। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन अलीगंज कोचिंग सेंटर अग्निकांड (22 जून) में 15 छात्रों की मौत की याद ताजा कर दी।
यह घटना लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर स्थित कोल्ड स्टोरेज में हुई। स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 6:15 बजे धुएं के गुबार देखकर फायर ब्रिगेड को सूचना दी। चिनहट पुलिस और SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आइए जानते हैं कि कैसे लगी आग?

चिनहट के SHO दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि दूर से ही घने काले धुएं के गुबार दिख रहे थे। कोल्ड स्टोरेज में मसाले और किराने का सामान रखा था, जिसकी वजह से आग से तीखा और घना धुआं निकल रहा था। इससे फायरमैनों के लिए अंदर जाना बेहद मुश्किल हो गया।
आग बुझाने के लिए 15 दमकल गाड़ियां और दो हाइड्रोलिक मशीनें लगाई गईं। कई घंटों की लगातार मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने सुनिश्चित किया कि परिसर के अंदर कोई फंसा न रहे। एहतियात के तौर पर पीछे वाली कॉलोनी के निवासियों को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया, ताकि वे जहरीले धुएं से प्रभावित न हों।
SHO मिश्रा ने कहा कि कोल्ड स्टोरेज के चारों ओर बाउंड्री वॉल थी और खाली जगह होने से आग आसपास की इमारतों तक नहीं फैली। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
Aliganj Coaching Tragedy: अलीगंज त्रासदी के घाव हुए ताजा
इस घटना से मात्र एक हफ्ते पहले 22 जून को लखनऊ के अलीगंज में एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगी थी। बिल्डिंग में एनिमेशन कोचिंग सेंटर चल रहा था। आग इतनी तेजी से फैली कि दूसरी मंजिल पर पढ़ रहे छात्र बाहर नहीं निकल पाए। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। 9 लोग घायल हुए। दोनों घटनाओं ने लखनऊ में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अग्निकांड क्यों बढ़ रहे हैं?
लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में गर्मी के मौसम में अग्निकांड की घटनाएं बढ़ जाती हैं। मुख्य कारण:
- पुरानी विद्युत वायरिंग
- ओवरलोडेड इलेक्ट्रिकल सिस्टम
- अग्निशमन उपकरणों की कमी
- कोचिंग सेंटर्स और कमर्शियल बिल्डिंगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी
- कोल्ड स्टोरेज जैसे स्थानों पर ज्वलनशील सामग्री का भंडारण
अलीगंज मामले में बिल्डिंग में फायर सेफ्टी नॉर्म्स का उल्लंघन सामने आया था।
सरकार और प्रशासन की भूमिका क्या?
लखनऊ में दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। चिनहट मामले में SDRF की मदद ली गई। अलीगंज मामले की जांच चल रही है और दोषियों पर कार्रवाई हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने पहले ही अग्नि सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए थे। अब सभी जिलों में कोचिंग सेंटर्स, कोल्ड स्टोरेज और कमर्शियल बिल्डिंगों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं।
अग्नि सुरक्षा के उपाय क्या होने चाहिए?
1. बिल्डिंग स्तर पर
- फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और हाइड्रेंट सिस्टम अनिवार्य
- नियमित फायर ड्रिल
- इमरजेंसी एग्जिट गेट्स
- विद्युत वायरिंग का नियमित मेंटेनेंस
2. कोचिंग सेंटर्स के लिए
- अधिकतम छात्र संख्या सीमित
- ग्राउंड फ्लोर पर क्लासरूम
- फायर एक्सटिंग्विशर हर फ्लोर पर
- स्टाफ को फर्स्ट एड ट्रेनिंग
3. कोल्ड स्टोरेज के लिए
- ज्वलनशील सामग्री से अलग भंडारण
- तापमान नियंत्रण सिस्टम
- 24x7 फायर वॉच
4. नागरिकों की जिम्मेदारी
- इमारत में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट चेक करें
- बच्चों को अग्नि सुरक्षा के बारे में सिखाएं
- संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत सूचना दें
लखनऊ की वर्तमान स्थिति क्या?
लखनऊ में सैकड़ों कोचिंग सेंटर्स और कोल्ड स्टोरेज हैं। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की मांग बढ़ती है, जिससे शॉर्ट सर्किट की घटनाएं आम हो जाती हैं। दोनों घटनाओं ने प्रशासन को अलर्ट मोड में ला दिया है।
लखनऊ के चिनहट कोल्ड स्टोरेज अग्निकांड ने एक बार फिर अग्नि सुरक्षा की लापरवाही को उजागर किया है। अलीगंज में 15 छात्रों की मौत के घाव अभी ठीक नहीं हुए थे कि नया हादसा हो गया। हालांकि इस बार जान नहीं गई, लेकिन चेतावनी साफ है। सरकार, प्रशासन और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार और समाज को तबाह कर सकती है।
(PTI इनपुट)













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