यूपी के 347 लेखपालों को नोटिस, 'काम पर आओ नहीं तो हाथ से जाएगी नौकरी'
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में लेखपालों की विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल चल रही है। हड़ताल को खत्म करने के लिए योगी सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। संबंधित जिला प्रशासन द्वारा लेखपालों को सस्पेंड करने व बर्खास्तगी की नोटिस जारी की जा रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ से वीडियोकॉंफ्रेंसिग के बाद इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौशांबी समेत सूबे के हर जिले में कर्मचारी नेताओं पर कार्रवाई की जा रही है। इलाहाबाद में 8 कर्मचारी नेताओं को निलंबित कर दिया गया है, जबकि 143 को सेवा समाप्ति का नोटिस भेजा गया है।

कौशांबी में 54 लेखपालों को बर्खास्त किया गया है। कौशांबी लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष और मंत्री के अलावा तीनों तहसील इकाई के अध्यक्ष और मंत्री को निलंबित कर दिया गया है। वहीं प्रतापगढ़ में 150 लेखपालों के लिए बर्खास्तगी की नोटिस जारी की गई है। बताया जा रहा है कि जिन लेखपालों को नोटिस भेजा गया है वो आज काम पर नहीं लौटे तो उनके विरुद्ध कार्रवाई तय मानी जाएगी। इलाहाबाद जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि आज जिले के अन्य 840 लेखपालों को भी नोटिस भेजकर 24 घंटे के अंदर काम पर लौटने की चेतावनी दी जाएगी और आदेश ना मानने पर कार्रवाई की जायेगी।
क्या है मामला
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल कर्मचारी हड़ताल पर हैं। लेखपालों ने पिछले कई दिनों से सरकार विरोधी मोर्चा खोल रखा है। लेखपाल वेतन उच्चीकरण, एसीपी विसंगति, विशेष वेतन भत्ता, मोटर साइकिल और स्टेशनरी भत्ता, भत्तों के देय व पदनाम उप राजस्व निरीक्षक समेत आठ सूत्रीय मांगें सरकार से पूरी करने की मांग कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- सरकार के इस एक्शन प्लान से पंजाब में खत्म होगा नशा माफियाओं का रैकेट
कर्मचारी संगठनों का समर्थन
लेखपालों कर्मचारियों के प्रदर्शन को के कई संगठनों समर्थन दिया है। राजस्व निरीक्षक संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, अमीन संवर्ग संघ, शिक्षक संघ का भी समर्थन लेखपाल संवर्ग को मिल गया है। लेकिन अब सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के बाद सबका साथ टिके रहना असंभव है।
अब तक क्या हुआ
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों ने हड़ताल शुरू की, जिसे सरकार ने अवैध बताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। चेतावनी का असर नहीं हुआ तो सरकार ने बस्ता जमा कराने का प्रयास किया था, लेकिन यह ट्रिक भी विफल रही और लेखपाल हड़ताल से पीछे नहीं हटे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे के जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग की और बड़ा फैसला लेते हुये हड़ताल कर रहे लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें- प्रॉपर्टी के विवाद में बड़े भाई ने छेटी भाई को मारी गोली












Click it and Unblock the Notifications