‘18 साल से ज्यादा की थी’, कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी का गुस्सा,Unnao Rape Case को लेकर किए कई चौंकाने वाले दावे
kuldeep singh sengar Daughter Aishwarya Sengar : उन्नाव रेप केस एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है सुप्रीम कोर्ट का वो फैसला, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत पर रोक लगा दी गई। इस फैसले के बाद पूर्व बीजेपी विधायक और रेप केस में उम्रकैद की सजा काट रहे कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर खुलकर सामने आई हैं। उनका बयान अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है। ऐश्वर्या सेंगर ने कहा है कि वो लड़ेंगी और हारेंगी नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट के 23 दिसंबर के आदेश पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किया था। इस आदेश के खिलाफ CBI ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक कुलदीप सिंह सेंगर जेल से बाहर नहीं आएंगे। कोर्ट ने इसे 'विशेष परिस्थितियों' वाला मामला बताया।

🟡 Unnao Rape Case: ऐश्वर्या सेंगर ने केस को लेकर किया चौंकाने वाला खुलासा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ ही देर बाद ऐश्वर्या सेंगर ने बयान जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि कोर्ट में उन्हें मामले के गुण-दोष पर दलील रखने का मौका तक नहीं मिला। ऐश्वर्या के मुताबिक, पीड़िता के बयानों में बार-बार बदलाव हुआ है। कभी घटना का समय दोपहर दो बजे बताया गया, फिर छह बजे और बाद में आठ बजे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि एम्स मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में पीड़िता की उम्र 18 साल से ज्यादा बताई गई थी। ऐश्वर्या ने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स यह भी दिखाते हैं कि घटना के वक्त वह स्थान पर मौजूद नहीं थीं, जहां आरोप लगाया गया है।
🟡 'हमसे हमारी इज्जत, हमारी शांति सबकुछ छीन गया है'
कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर कहती हैं,
"हम आज केस के मेरिट पर बहस भी शुरू नहीं कर पाए, कि उसने कई बार अपना बयान बदला है, तीन बार टाइम बदला है, दोपहर 2 बजे से शुरू करके, शाम 6 बजे और फिर आखिर में रात 8 बजे। AIIMS मेडिकल बोर्ड की फाइंडिंग है कि वह 18 साल से ज्यादा की थी... मैं पिछले 8 साल से इंसाफ के लिए लड़ रही हूं, लेकिन शायद मेरे और मेरे परिवार के दुखों का कोई मतलब नहीं है। हमसे हमारी इज्जत, हमारी शांति और यहां तक कि सुने जाने का हमारा फंडामेंटल हक भी छीन लिया गया है। अभी भी इंसाफ की उम्मीद है। मैं मीडिया से रिक्वेस्ट करती हूं कि कोई गलत जानकारी न फैलाएं।"
🟡 ऐश्वर्या सेंगर बोलीं- 'आठ साल से लड़ रहे हैं, पर हमारी सुनवाई नहीं'
ऐश्वर्या सेंगर ने भावुक होते हुए कहा कि उनका परिवार पिछले आठ सालों से न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा, "हमसे हमारी गरिमा, शांति और यहां तक कि सुने जाने का अधिकार भी छीन लिया गया है।" उन्होंने यह भी कहा कि शायद उनके और उनके परिवार के दुखों का कोई मोल नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और कहा कि वे अंत तक लड़ेंगे।
अपने बयान में ऐश्वर्या सेंगर ने मीडिया से भी अपील की। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर किसी भी तरह की गलत या भ्रामक जानकारी न फैलाई जाए। उनके मुताबिक, इस केस से जुड़ी कई बातें आधी-अधूरी सच्चाई के साथ पेश की जा रही हैं, जिससे उनके परिवार को और मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ रही है।

🟡 सुप्रीम कोर्ट में उन्नाव रेप के की सुनवाई: CBI और बचाव पक्ष के तर्क
सुनवाई के दौरान CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि POCSO कानून के तहत 'पब्लिक सर्वेंट' की परिभाषा व्यापक है। उन्होंने कहा कि उस समय एक ताकतवर विधायक होने के नाते कुलदीप सेंगर का पीड़िता पर प्रभाव था, इसलिए यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
वहीं सेंगर की ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों ने तर्क दिया कि एक विधायक को POCSO के तहत 'पब्लिक सर्वेंट' मानना सही नहीं है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस व्याख्या पर सवाल उठाए और कहा कि इससे अजीब स्थिति पैदा हो सकती है।
🟡 क्यों बना मामला इतना संवेदनशील
दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने 2019 में कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने माना था कि वह POCSO कानून के तहत 'पब्लिक सर्वेंट' की श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत का मामला भी इस केस को और गंभीर बनाता है।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद यह साफ है कि कानूनी लड़ाई अभी लंबी चलेगी। वहीं ऐश्वर्या सेंगर का बयान इस पूरे मामले को एक नया मानवीय और भावनात्मक कोण दे रहा है, जिस पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।












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