जानिए BJP प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के बारे में, जिन्हें सपा संरक्षक मुलायम सिंह ने दिया ऑफर
लखनऊ, 31 अगस्त। यूपी चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई है, ऐसे में खबर है कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को सपा में आने का ऑफर दिया है। जिसके चलते यूपी में सियासी हलचल पैदा हो गई है। सपा की ओर दावा किया गया है कि भाजपा में पिछड़ों-दलितों की अनदेखी से स्वतंत्र देव सिंह नाराज हैं, जिसके बाद से स्वतंत्र देव सिंह को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी हैं।
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चलिए एक नजर डालते हैं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के सियासी सफर पर

कौन हैं स्वतंत्र देव सिंह?
मालूम हो कि साल 2019 में स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी संभाली थी। इससे पहले वो योगी सरकार में मंत्री थे। स्वतंत्र देव से पहले प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी महेंद्र नाथ पांडेय के हाथ में थीं। लेकिन जब उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया गया तो उनकी जगह स्वतंत्र देव सिंह पर पार्टी ने भरोसा जताया। यूपी में बीजेपी का मजबूत चेहरा और पीएम नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी कहे जाने वाले स्वतंत्र देव सिंह की छवि स्पष्ट वक्ता की रही है।

स्वतंत्र देव सिंह का जन्म मिर्जापुर में हुआ
13 फरवरी 1964 को मिर्जापुर में जन्मे स्वतंत्र देव सिंह कॉलेज टाइम से छात्र संघ से जुड़े हुए थे। इन्होंने अपना करियर बतौर पत्रकार शुरू किया था लेकिन फिर इन्होंने नौकरी छोड़कर आरएसएस ज्वाइन कर लिया और बतौर स्वयंसेवक का कार्य करने लगे। इसके बाद वो भाजपा संगठन से जुड़े, उन्हें जमीनी नेता कहा जाता है और इसी वजह से वो कार्यकर्ताओं के भी काफी नजदीक कहे जाते हैं।

PM मोदी के हैं काफी करीबी
2001 में युवा मोर्चा के भी वो प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं, इसके बाद साल 2004 में वो विधान परिषद के सदस्य बने तो वहीं 8 सितंबर 2017 को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे इसके बाद साल 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले उन्हें मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था।

कुशल रणनीतिकार कहलाते हैं स्वतंत्र देव सिंह
यही नहीं पिछड़े वर्ग से आने वाले स्वतंत्र देव सिंह पार्टी में कुशल रणनीतिकार के तौर पर भी पहचाने जाते हैं, वैसे तो पार्टी में वो काफी लोकप्रिय हैं। इसी वजह से जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनी तो उन्हें मंत्री पद सौंपा गया था।उन्हें परिवहन, प्रोटोकॉल और ऊर्जा विभाग में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई थी।












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