Khan Sir: रातों-रात पटना छोड़ा, Fastag हटाया-मोबाइल फेंका! खान सर को अचानक क्यों होना पड़ा फरार
Khan Sir: पटना के मशहूर शिक्षक खान सर (Khan Sir) अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस वक्त उन्हें लेकर की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पटना के दो दिग्गज कोचिंग संस्थानों के बीच टॉपर और रिजल्ट की होड़ को लेकर शुरू हुई वर्चस्व की लड़ाई अब सीधे पुलिस थाने तक पहुंच गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए फायरिंग के वीडियो की गहन जांच के बाद, पटना पुलिस ने खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। इस नए मोड़ के बाद खान सर की मुश्किलें काफी बढ़ती नजर आ रही हैं। अब खबर है कि किसी भी वक्त खान सर की गिरफ्तारी हो सकती है।

इस बीच खान सर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने किसी बॉलीवुड थ्रिलर फिल्म जैसी कहानी सुनाई है। खान सर ने खुलासा किया कि कैसे एक बार पटना के जिलाधिकारी (District Magistrate) ने उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया था। खान सर को पुलिस (Bihar Police) से बचने के लिए रातों-रात शहर छोड़ना पड़ा था। आइए जानतें हैं क्या है पूरा मामला और कैसे खान सर ने पुलिस को कैसे 5 दिनों तक छकाया।
खान सर ने खेला माइंड गेम
खान सर ने बताया कि जैसे ही उन्हें भनक लगी कि एफआईआर (FIR) दर्ज हो चुकी है और पुलिस उन्हें तलाश रही है, उन्होंने तुरंत भागने की प्लानिंग की। उन्होंने पुलिस की ट्रैकिंग से बचने के लिए कुछ मास्टरस्ट्रोक चले।
- मोबाइल लोकेशन (Mobile Location): खान सर ने अपना मोबाइल पटना में ही छोड़ दिया ताकि टावर लोकेशन के जरिए उन्हें पकड़ा न जा सके।
- फास्टैग (Fastag) का फंडा: उन्होंने अपनी गाड़ी से फास्टैग हटा दिया ताकि टोल प्लाजा पर उनकी डिजिटल लोकेशन ट्रेस न हो। उन्होंने नकद (Cash) भुगतान किया और इसके लिए दोगुना टोल भी भरा।
- गाड़ी भेजी दिल्ली, खुद गए वृंदावन: पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने अपनी कार दिल्ली की तरफ भेज दी और खुद ऑटो-रिक्शा लेकर वृंदावन (Vrindavan) की संकरी गलियों में गायब हो गए।
खान सर ने कहां बिताए 5 दिन?
खान सर वृंदावन पहुंचने के बाद पूरी तरह भक्ति में लीन हो गए। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, 'मैं तो कृष्ण भगवान के पास पहुंचा हूं, जिनका जन्म ही जेल में हुआ था, अब वही बचाएंगे।'
- वे प्रेमानंद जी महाराज (Premanand Ji Maharaj) के आश्रम के साधु-संतों के बीच गुमनाम रहे।
- बिना मोबाइल के उन्होंने राधा-राधा का जाप किया और वृंदावन की सुबह की शुद्ध हवा का आनंद लिया
- उन्होंने वहां की मशहूर कचौड़ी (Kachori) की तारीफ करते हुए उसे 'अमृत' के समान बताया।
कब का है यह मामला? (BPSC vs RRB-NTPC)
वीडियो में खान सर ने किसी खास तारीख का जिक्र नहीं किया है, लेकिन अटकलें दो बड़ी घटनाओं पर टिक रही हैं:
- 1. RRB-NTPC आंदोलन (2022): जब रेल परीक्षा के नतीजों पर बिहार में भारी विरोध हुआ था और खान सर पर छात्रों को भड़काने के आरोप में FIR हुई थी।
- 2. BPSC आंदोलन (दिसंबर 2024): जब अभ्यर्थियों के समर्थन में गर्दनीबाग में प्रदर्शन हुआ था और पुलिस की रडार पर कई कोचिंग संचालक जैसे रौशन आनंद और गुरु रहमान आ गए थे।
खान सर ने साफ किया कि जब उन्हें भरोसा हो गया कि छात्रों के रिजल्ट रिवाइज होंगे और हालात शांत हो गए, तभी वे 4-5 दिनों बाद पटना वापस लौटे।












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