Karni Sena News: करणी सेना का यू टर्न, आगरा में राणा सांगा जयंती का कार्यक्रम अचानक रद्द, जानें वजह
Karni Sena News: आगरा में राणा सांगा जयंती को लेकर पिछले कुछ दिनों से जो हलचल बनी हुई थी, वह अब थम गई है। करणी सेना ने 12 अप्रैल को गढ़ी रामी गांव में होने वाले कार्यक्रम को रद्द करने का एलान कर दिया है। यह एलान सेना के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर लाइव आकर किया।
इससे पहले सपा सांसद रामजीलाल सुमन के आवास पर करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले ने संगठन को सुर्खियों में ला दिया था। उस घटना के दौरान पुलिस के साथ जमकर झड़प हुई थी, जिसमें कई कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसके बाद सेना ने दोबारा आगरा में रैली करने का ऐलान किया था।

अब अचानक कार्यक्रम रद्द होने से समर्थकों में निराशा है। सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में भी इसको लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जोरशोर से चल रही थीं तैयारियां
ओकेंद्र राणा ने कुछ दिन पहले ही घोषणा की थी कि राणा सांगा की जयंती आगरा के कुबेरपुर स्थित गढ़ी रामी गांव में मनाई जाएगी। इसमें देशभर से करणी सेना के कार्यकर्ताओं और राजपूत समाज के लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष महीपाल सिंह मकराना ने भी कार्यकर्ताओं से आगरा पहुंचने की अपील की थी। लेकिन अब कार्यक्रम रद्द होने से सभी को निराशा हाथ लगी है। कार्यक्रम को लेकर चल रही तैयारियों पर भी अचानक ब्रेक लग गया।
राजनीति से बचना चाहते हैं ओकेंद्र राणा
वीडियो संदेश में ओकेंद्र राणा ने बताया कि हाल ही में शेरसिंह राणा आगरा आए थे और उन्होंने कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती को बुलाने की बात कही। इसके अलावा कुछ अन्य लोग भी इसे राजनीतिक मंच बनाने की दिशा में काम कर रहे थे।
राणा का कहना है कि उनकी मंशा यह थी कि यह आयोजन गैर-राजनीतिक हो और सिर्फ समाज की एकता को दर्शाए। लेकिन जब मामला राजनीति की ओर बढ़ता दिखा तो उन्होंने इसे रद्द करना ही ठीक समझा। वे चाहते थे कि केवल समाज के प्रमुख नेता जैसे सांसद राजकुमार चाहर और विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह इसमें शामिल हों।
समाज से नहीं, सिर्फ सांसद से विवाद
ओकेंद्र राणा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विवाद किसी समाज से नहीं बल्कि केवल सांसद रामजीलाल सुमन से है। उन्होंने कहा कि वे हर समाज का सम्मान करते हैं और उनकी कोई जातीय या सामुदायिक दुर्भावना नहीं है।
उनका कहना है कि यदि आगरा में वे अपनी बात नहीं रख पाए तो दिल्ली या किसी अन्य शहर में इस विषय को उठाएंगे। साथ ही उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सुमन को समर्थन देने पर नाराजगी जताई और कहा कि अब वे हर जिले में जाकर समाज से सपा के खिलाफ खड़ा होने की अपील करेंगे।












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