Kanpur: 'हादसे के वक्त मेरा बेटा', लैम्बोर्गिनी कांड में पिता के दावे ने पुलिस को घुमाया, रची गई नई थ्योरी?
Kanpur Lamborghini Crash: कानपुर में करोड़ों की लैम्बोर्गिनी से हुए भीषण एक्सीडेंट ने अब एक नया और पेचीदा मोड़ ले लिया है। मामले में मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा के पिता के.के. मिश्रा ने सामने आकर पुलिस की पूरी थ्योरी को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।
उन्होंने न केवल अपने बेटे का बचाव किया है, बल्कि हादसे के पीछे बीमारी और तकनीकी खराबी का एक नया एंगल पेश किया है।
हादसे के वक्त शिवम मिश्रा के साथ और कौन था?
हादसे की असलियत बताते हुए के.के. मिश्रा ने दावा किया कि उस वक्त कार में शिवम के साथ एक प्रोफेशनल ड्राइवर भी मौजूद था और यह अभी जांच का विषय है कि गाड़ी असल में कौन चला रहा था। पिता के अनुसार, घटना से एक दिन पहले लैम्बोर्गिनी में कुछ तकनीकी दिक्कत आई थी जिसे मैकेनिकों ने ठीक किया था। अगले दिन शिवम और ड्राइवर केवल कार की टेस्टिंग के लिए सिविल लाइंस की तरफ निकले थे।

पिता ने बताया क्या था हादसे का कारण?
उन्होंने बताया कि वापसी के दौरान अचानक शिवम की तबीयत बिगड़ने लगी और वह बेहोश होकर सोने लगा। जब ड्राइवर ने उसे संभालने के लिए एक हाथ हटाया, तभी कार असंतुलित होकर धीमी हुई और एक ऑटो रिक्शा उससे टकरा गया।
पुलिस कमिश्नर के दावे को किया खारिज
के.के. मिश्रा ने आगे बताया कि टक्कर के बाद कार के दरवाजे ऑटोमैटिक लॉक हो गए थे, जिसके कारण ड्राइवर खिड़की नहीं खोल पा रहा था। इसके बाद उनके निजी सुरक्षाकर्मियों ने कार का शीशा तोड़ा और शिवम को बाहर निकाला। उन्होंने पुलिस कमिश्नर के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि शिवम नशे में था या वह खुद गाड़ी चला रहा था।
पिता ने स्पष्ट किया कि उनके परिवार में कोई भी नशा नहीं करता है। फिलहाल, शिवम को इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है। पिता का कहना है कि जैसे ही उसकी हालत में सुधार होगा, वह जांच में सहयोग करेगा।
जांच के घेरे में दावों की सच्चाई
चूंकि यह मामला अभी पुलिस की गहन जांच और साक्ष्यों के संकलन का विषय है, इसलिए आरोपी के पिता द्वारा पेश की गई इस कहानी पर अभी कोई आधिकारिक दावा नहीं किया जा सकता है। पुलिस इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही है कि क्या यह सचमुच एक हादसा था या कानून से बचने के लिए पेश की गई कोई दलील।
दरअसल, कानपुर के VIP रोड पर एक लैंबॉर्गिनी का एक्सीडेंट हो गया, जिसमें एक ऑटोरिक्शा और एक मोटरसाइकिल टकरा गई। चश्मदीदों का आरोप है कि बाउंसरों ने ड्राइवर को भागने में मदद की। इस मामले में पुलिस ने शिवम मिश्रा की ड्राइवर के तौर पर पहचान की और FIR में उसका नाम दर्ज किया है, लेकिन उसके वकील ने इससे इनकार किया है।
घटना के चश्मदीद ने क्या बताया?
चश्मदीदों ने रविवार दोपहर कानपुर के VIP रोड पर हुए लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट की जानकारी दी, जिसमें कई लोग घायल हुए और एक मोटरसाइकिल डैमेज हो गई। घटना के चश्मदीद सोनू त्रिपाठी ने कहा कि कार ने एक ऑटोरिक्शा को टक्कर मारी, फिर एक बुलेट बाइक और एक खंभे से टकरा गई। उन्होंने आगे कहा कि बाउंसरों ने उस व्यक्ति को ले जाने के लिए कार का शीशा तोड़ दिया, और बाद में पुलिस ने कार ज़ब्त कर ली। उनकी डैमेज बाइक भी पुलिस स्टेशन में है।
त्रिपाठी ने ANI से कहा कि, 'कार ने एक ऑटोरिक्शा को टक्कर मारी और उसकी स्पीड बढ़ गई। कार बुलेट बाइक से टकराई और उसके बाद एक खंभे से टकरा गई। एक्सीडेंट के बाद, उसके (ड्राइवर) बाउंसरों ने कार का शीशा तोड़ दिया और उसे ले गए। कुछ देर बाद, पुलिस आई और कार को पुलिस स्टेशन ले गई। हमें नहीं पता कि वह ड्राइवर था या कार का मालिक। हमारी बाइक भी पुलिस स्टेशन में खड़ी है।' एक और चश्मदीद, विशाल त्रिपाठी, जिनकी बुलेट मोटरसाइकिल इस घटना में डैमेज हुई थी, ने कहा, 'मैं बुलेट बाइक का मालिक हूं जो डैमेज हुई थी। ऑटोरिक्शा से टकराने के बाद कार की स्पीड बढ़ गई। मैं बुलेट पर बैठा था, और कार मेरी बाइक को कुचलकर एक खंभे से टकरा गई।'
आज सुबह, कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि VIP रोड पर हुए लैंबॉर्गिनी कार एक्सीडेंट की जांच चल रही है और उन्होंने कन्फर्म किया कि आरोपी शिवम मिश्रा का नाम FIR में शामिल किया गया है। ANI से बात करते हुए कमिश्नर ने कहा, 'यह जांच चल रही है। जैसा कि मैंने आपको बताया था, उसका (शिवम मिश्रा) नाम पहले नहीं था। जांच में उसका नाम सामने आया है, और हमारी पुलिस उससे पूछताछ करने के लिए उसके घर गई है। हमें उसके घर से यह मैसेज मिला है कि वह अस्पताल में भर्ती है। उसके पिता को बुलाया गया है और वे बात करेंगे, और उनका कहना है कि वह पुलिस के साथ सहयोग करेंगे।












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