'सर, तुरंत CRPF भेज दीजिए, ये लोग वोटर नहीं हैं',भवानीपुर में बवाल के बीच शुभेंदु अधिकारी ने किसको घुमाया फोन?
Bhabanipur Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के तहत भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान उस समय स्थिति अनियंत्रित हो गई, जब वार्ड 73 के बूथ नंबर 217 और 218 के बाहर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।
मतदान केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में जमा हुए दोनों दलों के समर्थकों के बीच पहले तीखी नोकझोंक हुई, जिसने देखते ही देखते हिंसक झड़प का रूप ले लिया। पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिससे अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने आए सामान्य मतदाताओं में भय व्याप्त हो गया। तनाव इतना बढ़ गया कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अंततः कड़े कदम उठाने पड़े।

नारेबाजी से शुरू हुआ बवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत नारेबाजी से हुई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ता आमने-सामने खड़े होकर एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। बहस ने जल्द ही धक्का-मुक्की का रूप ले लिया, जिससे बूथ परिसर के बाहर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। आसपास के लोग और वोट डालने आए नागरिक इस हंगामे को देख सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
पुलिस और प्रशासन को रोकने की कोशिश
घटना की सूचना मिलते ही जब स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। स्थानीय वार्ड प्रतिनिधि काजरी बनर्जी के नेतृत्व में TMC कार्यकर्ताओं ने पुलिस को इलाके में प्रवेश करने से रोकने के लिए सड़क पर एक 'मानव श्रृंखला' (Human Chain) बना ली। इस घेराबंदी के कारण सुरक्षा बल काफी देर तक बूथ तक नहीं पहुंच सके, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ती गई।
लाठीचार्ज और हिरासत की कार्रवाई
अंत में पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कार्यकर्ताओं द्वारा बनाई गई मानव श्रृंखला को तोड़ा और इलाके में प्रवेश किया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने गलियों में तलाशी अभियान चलाकर कई संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
किसको मिलाया शुभेंदु अधिकारी ने फोन
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने दोनों दलों के समर्थकों को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन नारेबाजी बढ़ने के साथ ही माहौल और गर्म हो गया। दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में बूथ के आसपास जमा हो गए, जिससे तनाव और बढ़ गया। इस बीच शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए चुनाव आयोग के अधिकारियों से संपर्क किया और स्थिति की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर हमला किया गया है और भाजपा कार्यकर्ताओं को मतदान प्रक्रिया में रोका जा रहा है।
उन्होंने कहा, "मुझ पर हमला हुआ है। तुरंत ज्यादा केंद्रीय बल भेजे जाएं ताकि मतदाता बिना डर के अपना वोट डाल सकें।" शुभेंदु अधिकारी ने इलाके में अतिरिक्त CRPF जवानों की तैनाती की मांग भी की। उनका कहना था कि विपक्षी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को डराने की कोशिश की जा रही है।
सुरक्षा की मांग और केंद्रीय बलों की तैनाती
हंगामे के दौरान TMC कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की कि काजरी बनर्जी को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाए, क्योंकि उन्हें अपनी सुरक्षा का खतरा महसूस हो रहा था। हालांकि, उस समय पुलिस कार्रवाई में व्यस्त थी। बाद में स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) की एक अतिरिक्त टीम को तैनात किया गया। केंद्रीय बलों ने मोर्चा संभालते ही सख्त रुख अपनाया और लाठीचार्ज कर भीड़ को पूरी तरह खदेड़ दिया, जिसके बाद मतदान प्रक्रिया दोबारा सुचारू रूप से शुरू हो सकी।












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