14 अगस्त की रात में फहराया जाता है झंडा, 72 गोले दाग कर मनाया आजादी का जश्न
कानपुर। 15 अगस्त वैसे तो पूरे देश में बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है लेकिन कानपुर में इसकी अलग ही परंपरा है। 14 और 15 अगस्त की रात को 12 बजते ही जैसे ही घड़ी की सुई पहले सेकेण्ड को छूती है तो यहां झंडारोहण किया जाता है। यहां रात में ही बड़ी धूम धाम से 15 अगस्त का झंडा फहराया जाता है।

मंगलवार की रात ठीक 12 बजते ही यहां आतिश बाजी के साथ 72 गोले दाग कर आजादी का 72 वां जश्न मनाया गया। कानपुर शहर के मेस्टन रोड के बीच वाले मंदिर के पास यह परंपरा 1947 से मनाते चले आ रहे है। यहां सबसे पहले 1947 को 14 अगस्त की रात 12 बजे तब झंडा फहराया गया था, जब अंग्रेजों ने भारत को आजादी सौंपी थी।

आजादी के बाद तब से यहां हर साल 14 अगस्त को रात 12 बजे ही 15 अगस्त मनाया जाता है और झण्डा रोहण किया जाता है।मंगलवार की देर रात इस समारोह में पूर्व केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जयसवाल भी शामिल थे। इस झंडा रोहण में शहर के सभी वर्ग के लोगों के साथ साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी भाग लेते है।












Click it and Unblock the Notifications