पूजा जाटव की लव स्टोरी: पहले पति पर हमला, जेल जाते दूसरे को दिल दे बैठी, जेठ-ससुर से संबंध, अब सास की हत्या
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के कुम्हारिया गांव में सामने आया एक हत्याकांड पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख देने वाला है। इस सनसनीखेज मामले की मुख्य आरोपी है 29 वर्षीय पूजा जाटव, जिस पर अपनी सास सुशीला देवी की हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम तक पहुंचाने का आरोप है। लेकिन यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों के खून की एक खौफनाक दास्तान है, जिसमें लालच, धोखा, सेक्सुअल मैनिपुलेशन और आपराधिक सोच का भयानक चेहरा सामने आता है।
अपराध की शुरुआत: पहले पति पर कराया हमला
पूजा जाटव की आपराधिक सोच की शुरुआत करीब 11 साल पहले हुई जब उसने रेलवे में काम करने वाले अपने पहले पति पर जानलेवा हमला कराया। इस मामले में वह जेल भी जा चुकी है। जेल और कोर्ट के चक्कर लगाते हुए उसकी मुलाकात अपराधी कल्याण सिंह से हुई, जो बाद में उसका लिव-इन पार्टनर बना। कुछ सालों बाद कल्याण की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।

पति मरा, तो जेठ और ससुर से रिश्ते
कल्याण की मौत के बाद पूजा ने उसी के बड़े भाई संतोष से संबंध बना लिए, जो पहले से शादीशुदा था। उससे एक बच्ची भी हुई। यही नहीं, आरोप है कि पूजा का अपने ससुर अजय प्रताप से भी 'करीबी’ रिश्ता रहा। पूजा की जेठानी रागिनी ने पुलिस को दिए बयान में इसकी पुष्टि की और कहा, "संतोष पूजा से ज़्यादा बात करता था। जब पूजा को बच्ची हुई तब हमें उनके संबंधों का पता चला। हमने उसे सौतन की तरह स्वीकार किया, लेकिन कभी सोचा नहीं था कि वह इतनी शातिर निकलेगी।"

लालच और साजिश: सास सुशीला की हत्या
जांच में सामने आया कि पूजा की सास सुशीला देवी उसकी करतूतों से नाराज थीं और जायदाद को लेकर मतभेद चल रहे थे। इसी से खफा होकर पूजा ने 24 जून को अपनी बहन कामिनी और प्रेमी अनिल वर्मा के साथ मिलकर सास की हत्या की साजिश रची।

हत्या वाले दिन तीनों ने घर पर पहले चाय पी, फिर सुशीला को नशीला इंजेक्शन देकर गला दबाकर मार डाला। इसके बाद घर से करीब 8 लाख रुपये के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए ताकि हत्या को लूट जैसा दिखाया जा सके।
शातिर दिमाग का इस्तेमाल: पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश
हत्या के बाद पूजा ने अपने ससुर और संतोष को पहले ही ग्वालियर भेज दिया था ताकि हत्या के समय वे मौके पर न रहें। फिर वह खुद सिम बदलकर घर पर फोन करती रही ताकि पुलिस को कोई शक न हो। लेकिन जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सबूत खंगाले तो सच्चाई सामने आ गई।

कामिनी और अनिल ने किया खुलासा
पुलिस ने पहले कामिनी को गिरफ्तार किया, जिसने सख्ती में पूछताछ के दौरान कबूल कर लिया कि इस हत्याकांड की मास्टरमाइंड पूजा ही है। इसके बाद पूजा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अनिल वर्मा फरार था लेकिन पुलिस ने उसे मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में पकड़ा। उसके पास से चोरी के गहने बरामद हुए।

परिवार का भरोसा तोड़ने वाली पूजा की कहानी
पूजा का परिवार में आना एक इमोशनल ब्लैकमेल की कहानी भी है। जब कल्याण की मौत के बाद गांव में भोज चल रहा था, वह रोती हुई पहुंची और परिवार ने उस पर तरस खाकर उसे अपना लिया। लेकिन यही उनकी सबसे बड़ी भूल थी। पढ़ाई छुड़वाकर उसे आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने इस भरोसे का इस्तेमाल खतरनाक तरीके से किया।
मृतका के भतीजे और ससुर का बयान
सुशीला देवी के भतीजे सौरभ ने बताया कि पूजा ने सिम बदलकर फोन किया और झूठ बोलकर सुशीला की तबीयत पूछी। हत्या के बाद मौके से नशीला इंजेक्शन, चाय के कप और डंडा बरामद हुआ। अजय प्रताप (ससुर) ने भी यह स्वीकार किया कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि पूजा ऐसी भी हो सकती है।












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