Jammu Kashmir pahalgam: 'हमले की भयावह तस्वीरें...' - अखिलेश यादव ने पहलगाम की घटना पर कही बड़ी बात
Jammu Kashmir pahalgam: जम्मू-कश्मीर के शांत कहे जाने वाले पर्यटक स्थल पहलगाम में मंगलवार को अचानक गोलियों की आवाज गूंज उठी, जिसने देशभर को दहला दिया। इस हमले में एक सैलानी की मौत हो गई, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में स्थानीय लोग भी शामिल हैं।
घटना की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और हमले को बेहद निंदनीय करार दिया।

अखिलेश ने कहा कि केंद्र सरकार को सबसे पहले देश में सुरक्षा का माहौल सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि आम लोगों और पर्यटकों दोनों की जान-माल की सुरक्षा हो सके। साथ ही उन्होंने सभी घायलों के लिए देश की सबसे बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपील की।
पर्यटकों को बनाया गया निशाना
मिली जानकारी के अनुसार, पहलगाम की खूबसूरत बैसरन घाटी में स्थित एक रिसॉर्ट के पास आतंकियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। पर्यटक उस समय घुड़सवारी कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें निशाना बनाया गया।
इस हमले में जहां एक सैलानी की मौके पर मौत हो गई, वहीं दो अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा तीन स्थानीय निवासी भी इस वारदात में घायल हुए हैं। घायलों का इलाज पास के अस्पताल में किया जा रहा है।
वेश बदलकर पहुंचे थे आतंकी
बताया जा रहा है कि हमलावर पुलिस या सेना की यूनिफॉर्म में थे और वेश बदलकर आए थे। खुफिया एजेंसियों को शक है कि इस हमले के पीछे आतंकी संगठन TRF का हाथ है, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है।
घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है। CRPF की क्विक रिएक्शन टीम को भी मौके पर भेजा गया है। सुरक्षाबलों द्वारा इलाके में गहन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि हमलावरों को जल्द पकड़ा जा सके।
सुरक्षाबलों को शक है कि दो से तीन आतंकी इस हमले में शामिल थे, और उन्होंने घोड़ों की सवारी करते हुए पर्यटकों पर फायरिंग की। इस हमले में कुछ घोड़े भी घायल हुए हैं। पहलगाम इलाका शांत और पर्यटकों के लिए सुरक्षित माना जाता रहा है।
पहलगाम अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए जाना जाता है। यहां के जंगल, झीलें और घास के मैदान पर्यटकों को लुभाते हैं। इस इलाके में वाहन से नहीं पहुंचा जा सकता है, बल्कि केवल पैदल या घोड़े के जरिए ही पहुँचा जा सकता है।
पिछले साल भी जम्मू-कश्मीर के गगनगीर इलाके में एक निर्माण स्थल पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें एक डॉक्टर और छह मजदूरों की जान चली गई थी। यह ताजा हमला फिर से उन भयावह यादों को ताजा कर गया है।












Click it and Unblock the Notifications