सपा सरकार की IPS ऑफिसर्स की वरिष्ठता सूची रद्द, योगी सरकार में दुबारा बनेगी लिस्ट
6 आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची तैयार की गई थी जिसे CAT ने अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। सुझाए गए वरीयता प्वाइंट के मुताबिक अब 2003 से नए सिरे से वरिष्ठता का निर्धारण किया जाएगा।
इलाहाबाद। सपा सरकार में बनी आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची रद्द कर दी गई है। अब योगी सरकार में ये सूची फिर से बनेगी। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) इलाहाबाद ने ये बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा की जो सूची बनी है वो अवैध है। इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है और नई सूची बनाने की अनुशंसा की जाती है। अब न्यायाधिकरण के आदेश के बाद यूपी के 6 आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची फिर से तैयार की जाएगी।

वरीयता के सात प्वाइंट भी बताए
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण ने आईपीएस अधिकारियों की वरीयता सूची निर्धारण के सात वरीयता प्वाइंट भी बताए हैं। जिसके आधार पर नई सूची तैयार की जानी है। गौरतलब है की 6 आईपीएस अधिकारियों की वरिष्ठता सूची तैयार की गई थी। जिसे CAT ने अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है। सुझाए गए वरीयता प्वाइंट के मुताबिक अब 2003 से नए सिरे से वरिष्ठता का निर्धारण किया जाएगा।
एसपी रेलवे कविंद्र प्रताप की याचिका
रेलवे के एसपी कविंद्र प्रताप सिंह ने आईपीएस वरिष्ठता सूची को CAT में चुनौती दी थी। जिसे न्यायिक सदस्य जैसमीन अहमद व प्रशासनिक सदस्य ओपीएस मलिक की खंडपीठ ने स्वीकार कर लिया था। एसपी कविंद्र की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह पेश हुए और दलील दी की याचिकाकर्ता को नियमानुसार वरिष्ठता प्वाइंट का लाभ मिलना था लेकिन नियमों की अवहेलना की गई और सूची जारी की गई जो अवैध है। जिससे याचिका को वरिष्ठता का लाभ नहीं मिल सका। खंडपीठ ने दलीलों को सुनने के बाद जारी सूची को अवैध माना और सूची को रद्द कर दिया।












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